शहादत दिवस पर वीरांगना फूलन देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि फूलन देवी का जीवन संघर्ष,

शहादत दिवस पर वीरांगना फूलन देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि फूलन देवी का जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक : जितेंद्र भारत

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

बरहज, देवरिया। गरीबों, मजलूमों और वंचितों की प्रखर आवाज के रूप में याद की जाने वाली वीरांगना एवं पूर्व सांसद स्व. फूलन देवी के शहादत दिवस पर लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया और उनके आदर्शों एवं संघर्षों को सदैव याद रखने का संकल्प लिया गया।

निषाद जितेंद्र भारत ने कहा कि वीरांगना फूलन देवी का जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक रहा है। उन्होंने जीवनभर गरीबों, मजलूमों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए उन्होंने समाज में व्याप्त असमानता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई तथा अपने संघर्ष के बल पर देश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया।


इसी क्रम में सुभाष यादव ने कहा कि फूलन देवी केवल एक नाम नहीं, बल्कि संघर्ष और प्रतिरोध की ऐसी गाथा हैं, जिन्हें सदियों तक याद किया जाता रहेगा। साहनी राजेश निषाद ने कहा कि आज आवश्यकता है कि वीरांगना फूलन देवी के संघर्ष और विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए तथा समाज में समानता, सम्मान और न्याय की स्थापना के लिए मिलकर कार्य किया जाए।

इस दौरान लोगों ने भावुक होकर कहा, "गरज उठी जब बीहड़ों में, वो बंदूक पुरानी थी, नाम फूलन था उसका, वो चंबल वाली रानी थी।"

कार्यक्रम की अध्यक्षता सूरज प्रसाद निषाद ने की, जबकि संचालन प्रह्लाद यादव ने किया। इस दौरान रामकृपाल शुक्ला, हरिओम कुशवाहा, राजकेश्वर साहनी, दीनानाथ निषाद, सभासद नवाब हुसैन, संजय जायसवाल, मो. शोएब, सुरेश निषाद, बिक्की साहनी, मो. आलम, सूर्यदेव निषाद सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।



रिपोर्टर: पवन कुमार

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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