सरकारी स्कूल की जमीन पर निजी विद्यालय का खेल? शिकायतों, मुकदमे और दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई नहीं, प्रशासन पर उठ रहे सवाल

सरकारी स्कूल की जमीन पर निजी विद्यालय का खेल? शिकायतों, मुकदमे और दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई नहीं, प्रशासन पर उठ रहे सवाल

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

हाटा/कुशीनगर। हाटा तहसील क्षेत्र के ग्राम रामपुर बुजुर्ग में सरकारी प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर कथित रूप से निजी विद्यालय संचालित किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री पोर्टल, सम्पूर्ण समाधान दिवस, तहसील प्रशासन तथा अन्य सक्षम अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सरकारी प्राथमिक विद्यालय की आराजी संख्या-135, रकबा 0.5350 हेक्टेयर में से लगभग 0.430 हेक्टेयर भूमि पर निजी विद्यालय संचालित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इससे सरकारी भूमि का निजी उपयोग हो रहा है और ग्राम समाज की संपत्ति प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने केवल प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें ही नहीं कीं, बल्कि न्यायालय की भी शरण ली है। उनके अनुसार मामला न्यायालय में विचाराधीन है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जिससे विवाद का स्थायी समाधान निकल सके। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रत्येक सुनवाई के बाद अगली तिथि निर्धारित कर दी जाती है, लेकिन मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर पहले से सरकारी प्राथमिक विद्यालय संचालित था, उसी परिसर अथवा उससे संबद्ध भूमि पर निजी विद्यालय की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि यदि इस संबंध में सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, तो संबंधित अभिलेख सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

शिकायतकर्ताओं का यह भी दावा है कि संबंधित भूमि बाद में एसडीएम के आदेश के आधार पर विद्यालय के नाम दर्ज की गई। उनका कहना है कि यदि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार हुई है, तो प्रशासन को इस संबंध में स्पष्ट तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए, जिससे सभी शंकाओं का समाधान हो सके।

लगातार शिकायतों, उपलब्ध दस्तावेजों तथा न्यायालय में लंबित वाद के बावजूद कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में असंतोष है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

हालांकि, शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जिला प्रशासन तथा संबंधित निजी विद्यालय की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित विद्यालय का पक्ष जानने का प्रयास किया है। उनका पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों के समक्ष मामले का सभी पक्षों सहित संतुलित चित्र प्रस्तुत किया जा सके।



रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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