पोस्टर चमक रहे, प्याऊ सूखे! निशुल्क शीतल पेयजल' के दावों की खुली पोल, राहगीरों का आरोप— पोस्टर लगे हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं

पोस्टर चमक रहे, प्याऊ सूखे! निशुल्क शीतल पेयजल' के दावों की खुली पोल, राहगीरों का आरोप— पोस्टर लगे हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

महराजगंज। भीषण गर्मी में राहगीरों और आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा जिले के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, ओवरब्रिज के नीचे तथा पुलिस चौकियों पर "निशुल्क शीतल पेयजल" के पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। हालांकि, कई स्थानों पर जमीनी हकीकत इन दावों से अलग दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि पोस्टर तो लगे हैं, लेकिन पेयजल की व्यवस्था लंबे समय से बंद पड़ी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से शाम तक ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी, ऑटो चालक, छात्र-छात्राएं और राहगीर पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि पोस्टर देखकर लोग पानी की उम्मीद में रुकते हैं, लेकिन वहां या तो टंकियां खाली मिलती हैं या वाटर कूलर बंद पड़े रहते हैं।

ऑटो चालक महेश ने बताया, "मैं रोज घंटों ऑटो चलाता हूं। गर्मी में गला सूख जाता है। यहां 'निशुल्क शीतल पेयजल' का पोस्टर लगा है, लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से टंकी में पानी नहीं है। सिर्फ पोस्टर लगा हुआ है।"

स्कूल से लौट रही छात्रा सीमा ने कहा, "पोस्टर देखकर लगा कि यहां पानी मिलेगा, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं मिली।"

छात्र अजय वर्मा ने कहा कि लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर पेयजल व्यवस्था बंद होने से निराशा हाथ लगती है।

साप्ताहिक बाजार करने आए रामप्रसाद ने बताया, "प्यास लगने पर यहां रुके थे, लेकिन पानी नहीं मिला। आखिरकार बोतलबंद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।"

ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया, "उच्च अधिकारियों की ओर से जनता को पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश हैं, लेकिन कई स्थानों पर पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होने से हम भी असहाय हैं।"

वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जिले में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था उपलब्ध है। यदि कहीं पेयजल की आपूर्ति बाधित है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।



रिपोर्टर: रणजीत मोदनवाल

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

खबर शेयर करें:

WhatsApp Facebook

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ