एक बोरी खाद पर करीब ₹50 का अतिरिक्त खर्च! दस्तावेजी प्रक्रिया से परेशान किसान

एक बोरी खाद पर करीब ₹50 का अतिरिक्त खर्च! दस्तावेजी प्रक्रिया से परेशान किसान
फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी, आधार और घोषणा पत्र की अनिवार्यता से बढ़ी दिक्कत, किसानों ने प्रक्रिया सरल बनाने की उठाई मांग

टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो
महराजगंज। खरीफ सीजन के दौरान यूरिया और डीएपी खाद लेने के लिए साधन सहकारी समितियों पर पहुंच रहे किसानों को इन दिनों दस्तावेजी औपचारिकताओं के कारण अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि खाद प्राप्त करने के लिए उन्हें फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी, आधार कार्ड की छायाप्रति तथा घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है। इन दस्तावेजों की फोटोकॉपी और अन्य आवश्यक तैयारियों पर उन्हें करीब ₹50 तक का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

किसानों के अनुसार खाद लेने से पहले आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं, जिससे न केवल अतिरिक्त खर्च बढ़ता है बल्कि समय भी अधिक लगता है। उनका कहना है कि यदि किसी किसान को एक से अधिक बार खाद लेना पड़े, तो हर बार यही प्रक्रिया दोहरानी पड़ती है, जिससे असुविधा और बढ़ जाती है।
किसानों का कहना है कि सरकार के पास पहले से ही उनकी भूमि, आधार और किसान संबंधी जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में बार-बार दस्तावेजों की प्रतियां जमा कराने की अनिवार्यता समाप्त कर प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जाना चाहिए।
वहीं, साधन सहकारी समितियों पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि वे शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों के अनुसार ही खाद का वितरण कर रहे हैं। उनके अनुसार फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी, आधार कार्ड की प्रति तथा घोषणा पत्र प्राप्त करने के बाद ही पात्र किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाती है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र किसानों तक खाद वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।



रिपोर्टर: रणजीत मोदनवाल

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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