भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के बनकटिया दुबे विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी बिजली आपूर्ति पिछले तीन दिनों से लगातार बाधित रही। रात्रिकालीन ब्रेकडाउन समय पर ठीक न होने के कारण कई बार बिजली केवल कुछ घंटों के लिए ही बहाल हो सकी, जबकि 18 से 22 घंटे तक आपूर्ति ठप रही। इससे करीब 65 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि 33 केवी मुख्य लाइन, जो सलेमपुर 132 केवी फीडर से संचालित होती है, उसमें लगातार ब्रेकडाउन होने के कारण आपूर्ति प्रभावित रही। विभाग की ओर से रात्रि में फॉल्ट दूर नहीं किए जाने से हर रात बिजली गुल रही।
9/10 जुलाई की रात लगभग 12:38 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई, जो सुबह करीब 7 बजे तक ही चल सकी। इसके बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। इससे पहले भी एक दिन दोपहर 1:30 बजे से रात 8:30 बजे तक ही बिजली मिली थी, जबकि अन्य दिनों में कई बार केवल आधे घंटे तक ही आपूर्ति हो सकी।
उपभोक्ताओं को नहीं मिला संपर्क का साधन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बनकटिया दुबे विद्युत उपकेंद्र पर उपभोक्ताओं के लिए कोई सार्वजनिक संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं है। बिजली गुल होने पर लोग कर्मचारियों, पत्रकारों और परिचितों के माध्यम से जानकारी लेने का प्रयास करते रहे, लेकिन समय पर संतोषजनक सूचना नहीं मिल सकी।
सिंचाई, पढ़ाई और दैनिक जीवन पर असर
लगातार बिजली संकट का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा। धान की रोपाई के समय पर्याप्त बारिश न होने से किसान बिजली चालित ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। बिजली नहीं मिलने से उन्हें महंगा डीजल खरीदकर इंजन से सिंचाई करनी पड़ी।
इसके अलावा बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं और बच्चे भी गर्मी के कारण परेशान रहे। इनवर्टर जवाब दे गए, मोबाइल चार्ज नहीं हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका
स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सलेमपुर ने दूरभाष पर शीघ्र आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि देर रात तक बिजली बहाल नहीं होने पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन एक्सईएन सलेमपुर और एसी विद्युत देवरिया का फोन नहीं उठ सका।
ग्रामीणों ने लगाया भेदभाव का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही 33 केवी मुख्य लाइन में ब्रेकडाउन हो जाता है। ऐसे समय में भाटपार रानी टाउन फीडर की आपूर्ति वैकल्पिक व्यवस्था से बहाल कर दी जाती है, लेकिन बनकटिया दुबे उपकेंद्र की बिजली लंबे समय तक बाधित छोड़ दी जाती है। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है।
स्थायी समाधान की मांग
क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि सलेमपुर 132 केवी स्टेशन पर तैनात जिम्मेदार कर्मियों की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा बनकटिया दुबे विद्युत उपकेंद्र को सलेमपुर-मझौली मुख्य फीडर से जोड़कर स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिल सके।
क्या बोले एसडीओ
एसडीओ विद्युत भाटपार रानी अभिषेक कुमार ने बताया कि 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन पेड़ों की टहनियों के संपर्क में आने के कारण हो रहा है। लाइन के किनारे पेड़ों की छंटाई का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आपूर्ति बहाल करने के बाद पुनः बारिश होने से लाइन में फॉल्ट आ गया था, जिसे ठीक करने का कार्य जारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि बनकटिया दुबे उपकेंद्र को सलेमपुर-मझौली मुख्य फीडर से जोड़ने के प्रस्ताव पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभाग शीघ्र ही स्थायी समाधान कर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पहले की तरह सुचारु बनाएगा।
रिपोर्टर: बृजेश मिश्रा
टाइम्स ऑफ कुशीनगर
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