उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बने बिजली विभाग के अधिकारी, शिकायतों के समाधान में हो रही देरी
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
बरहज, देवरिया। नगर में एक ओर जहां विद्युत व्यवस्था में सुधार के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता बिजली बिल संशोधन, कनेक्शन विच्छेदन एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिए बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग राजस्व वसूली पर तो पूरा जोर दे रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीन बना हुआ है।सोमवार को बिजली विभाग के कार्यालय का जायजा लिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कार्यालय में केवल एक-दो कर्मचारी ही मौजूद मिले, जबकि सहायक अभियंता (एसडीओ) एवं अधिशासी अभियंता अपने कक्ष में नहीं थे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यह स्थिति लगभग प्रतिदिन बनी रहती है। उनका कहना है कि कर्मचारी अधिकारियों के अनुपस्थित होने का हवाला देकर उन्हें बार-बार वापस लौटा देते हैं, जिससे लोगों को कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि कार्यालय में केवल सिफारिश वाले लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है, जबकि आम नागरिक सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद निराश होकर लौट जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार शिकायत करने के बावजूद मामलों का निष्पक्ष निस्तारण नहीं होता और गलत आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है।
पिपरा पांडेय निवासी अमित कुमार ने बताया कि वह पिछले छह माह से बिजली बिल में संशोधन कराने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि एक अवर अभियंता ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी भी दी। उन्होंने बताया कि 5 मई और 1 जून 2026 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन दोनों मामलों में गलत रिपोर्ट लगा दी गई। अब तक उनका बिल संशोधित नहीं हुआ है, जिससे वह बकाया राशि जमा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बार कार्यालय आने पर उन्हें सहायक अभियंता के अनुपस्थित होने का बहाना बनाकर वापस भेज दिया जाता है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
नेतवार निवासी रंजीत यादव ने बताया कि उन्होंने अपने घर का समस्त बकाया जमा कर दिया है और पिछले पांच माह से बिजली कनेक्शन विच्छेदन कराने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी अपनी कार्यशैली से सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं।
लबकनी गंगा निवासी अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले तक उनका बिजली बिल लगभग 3,300 रुपये था, लेकिन अचानक बढ़कर 20 हजार रुपये हो गया। पिछले दो माह से वह बिल संशोधन के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका है।
देऊवारी निवासी विकास विश्वकर्मा ने बताया कि उनके गांव स्थित मकान में पिछले दो वर्षों से कोई नहीं रह रहा है, इसके बावजूद लगभग ढाई लाख रुपये का बिजली बिल आ गया है। उन्होंने बताया कि मीटर की रीडिंग लगभग 3,300 यूनिट है, फिर भी बिल में भारी गड़बड़ी है। पिछले छह माह से वह बिल संशोधन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकांश समय अधिकारियों की कुर्सियां खाली मिलती हैं। उनका कहना है कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि खराब हो रही है।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि वे समय पर अपना बकाया जमा कर सकें और अनावश्यक परेशानियों से बच सकें।
क्या बोले अधिशासी अभियंता
इस संबंध में पूछे जाने पर अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह गौतम ने बताया कि माह का अंतिम समय होने के कारण अधिकारी एवं कर्मचारी राजस्व वसूली सहित अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई माह के अंत तक लंबित मामलों का निस्तारण करा दिया जाएगा।
रिपोर्टर: पवन कुमार
टाइम्स ऑफ कुशीनगर
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