पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की त्रैमासिक बैठक आयोजित
पीड़ित बच्चों को त्वरित न्याय, संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने पर दिया गया जोर
बैठक का उद्देश्य पॉक्सो पीड़ित बच्चों को त्वरित न्याय, संरक्षण, पुनर्वास एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों और संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा 'सपोर्ट पर्सन' की भूमिका और कार्यों की समीक्षा करना था।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पीड़ित बच्चों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में समयबद्ध रूप से मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, चिकित्सीय तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें संवेदनशील एवं प्रभावी सहयोग मिल सके।
बैठक के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी ए.के. दूबे ने पीड़ित बच्चों को चिकित्सा व्यय एवं अन्य आवश्यक सहायता के लिए अंतरिम मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ लक्ष्मण पाठक ने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत न्यायालय में विचारण प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.डी. कुशवाहा ने पीड़ित बच्चों के समयबद्ध उपचार एवं नियमित काउंसलिंग की आवश्यकता पर बल दिया। पुलिस विभाग की ओर से उपस्थित उपनिरीक्षक अच्छेलाल एवं शशांक राय ने पॉक्सो मामलों की विवेचना प्रक्रिया एवं उससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह, सपोर्ट पर्सन धनंजय मणि त्रिपाठी एवं संदीप कुमार पाण्डेय, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य अमित राय, वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक रीता यादव, डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के अभिषेक कुमार सिंह, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के जयलाल सिंह, शालिनी पाण्डेय, अनुराधा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
बैठक के दौरान पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, जैसे डीएनए सैंपलों का सुरक्षित संरक्षण, पर्याप्त फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में सचिव भुवन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए पीड़ित बच्चों के अधिकारों एवं हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि उन्हें समय पर न्याय और आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्टर: ब्यूरो
टाइम्स ऑफ कुशीनगर
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