ईंट-भट्ठा सत्र 2026-27 के लिए 30 नवंबर तक शुल्क जमा करें भट्ठा स्वामी

ईंट-भट्ठा सत्र 2026-27 के लिए 30 नवंबर तक शुल्क जमा करें भट्ठा स्वामी

ऑनलाइन प्रमाण-पत्र के बाद ही मिट्टी खनन और भट्ठे का संचालन करने के निर्देश

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। ईंट-भट्ठा सत्र 2026-27 के लिए जिले के सभी ईंट-भट्ठा स्वामियों को अग्रिम विनियमन शुल्क और अन्य देय धनराशि 30 नवंबर 2026 तक जमा करनी होगी। अपर जिलाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार निर्धारित समय सीमा में शुल्क जमा करने पर किसी प्रकार का ब्याज देय नहीं होगा। इसके बाद जमा की जाने वाली धनराशि पर नियमानुसार ब्याज देना होगा।


उन्होंने बताया कि ईंट-भट्ठा स्वामियों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन फर्म का पंजीयन कराकर अग्रिम विनियमन शुल्क और अन्य देय धनराशि जमा करनी होगी। ऑनलाइन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद ही नियमानुसार मिट्टी खनन और ईंट-भट्ठे का संचालन किया जा सकेगा।

ईंट-मिट्टी का परिवहन करने वाले वाहन चालकों और वाहन स्वामियों को परिवहन के दौरान विनियमन शुल्क जमा करने के प्रमाण-पत्र की प्रति साथ रखना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान सक्षम अधिकारी द्वारा मांग किए जाने पर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रमाण-पत्र के बिना ईंट-मिट्टी का परिवहन अवैध माना जाएगा।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन प्रमाण-पत्र में दर्ज गाटा संख्या और क्षेत्रफल के अलावा किसी अन्य गाटा संख्या या क्षेत्रफल से मिट्टी का खनन अथवा परिवहन करने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शासनादेश या उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी ईंट-भट्ठा स्वामियों से अपील की कि वे 30 नवंबर 2026 तक विभागीय पोर्टल पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर विनियमन शुल्क एवं अन्य देय धनराशि जमा करें और ऑनलाइन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद ही मिट्टी खनन तथा ईंट-भट्ठे का संचालन करें।



रिपोर्टर: अजय त्रिपाठी 

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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