बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा तस्करी नेटवर्क पर गोरखपुर पुलिस का बड़ा प्रहार

बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा तस्करी नेटवर्क पर गोरखपुर पुलिस का बड़ा प्रहार

खोराबार में दो युवक और बाल अपचारी गिरफ्तार, तमंचा-पिस्टल व कारतूस बरामद

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

गोरखपुर। अवैध असलहों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खोराबार थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो युवकों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, 32 बोर की पिस्टल मय मैगजीन, 7.65 बोर का जिंदा कारतूस और स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि जिस नेटवर्क से उन्हें अवैध हथियार मिल रहे थे, उसी स्रोत से पूर्व में गोरखपुर और आसपास के जिलों में अपराधियों तक हथियार पहुंचाए गए थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी है।

पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि खोराबार थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान अफजल खान पुत्र नूरूल हुदा खान निवासी डिबिया, थाना कैंट, उम्र करीब 19 वर्ष, मो. शमी पुत्र कुर्बान अली निवासी दिव्यनगर रानीडीहा, थाना कैंट, उम्र करीब 20 वर्ष और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया गया।


तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, 32 बोर की पिस्टल, मैगजीन और 7.65 बोर का जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP 53 BF 2735 भी कब्जे में ली है।

इस मामले में खोराबार थाने में मु0अ0सं0 471/2026 के तहत धारा 55, 61 बीएनएस और 9/25(1ए) आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में असलहा तस्करी नेटवर्क का कनेक्शन बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस इस कनेक्शन की विस्तृत जांच कर रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने जिस नेटवर्क से हथियार हासिल किए, उसी स्रोत से चिलुआताल थाना क्षेत्र में हुई हत्या में इस्तेमाल हथियार भी पहुंचा था।

पुलिस के मुताबिक एसटीएफ गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त कार्रवाई में इससे पहले श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से चार पिस्टल मय मैगजीन, एक रिवाल्वर और कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ के बाद अवैध असलहा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी सामने आई।

पुलिस ने बताया कि 23 अगस्त 2026 को संतकबीरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र में चंद्र प्रकाश सिंह उर्फ चंदन सिंह को दो अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 15 सितंबर को कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में मोहम्मद आसिफ को अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी पर कुशीनगर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

इसी नेटवर्क की जांच के दौरान 17 मार्च 2026 को चिलुआताल थाना क्षेत्र में राज कुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या के मामले में इस्तेमाल दो अवैध पिस्टल बरामद कर मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 26 सितंबर को कैंट थाना क्षेत्र से करन सोनकर को अवैध ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ पकड़ा गया।

30 सितंबर को कैंट पुलिस ने मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, चंदन जायसवाल उर्फ लकी और 10 हजार रुपये के इनामी वीरू साहनी उर्फ गौरव को दो अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। इसी मामले में प्रमोद यादव और राजू यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

पुलिस का दावा है कि अब तक अवैध असलहा तस्करी नेटवर्क से जुड़े 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अभियान के दौरान कुल 14 अवैध शस्त्र बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को एक ही नेटवर्क के माध्यम से पिस्टल और अन्य अवैध हथियार उपलब्ध कराए जाते थे।

खोराबार पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस अब मुख्य हथियार तस्करों, हथियारों की सप्लाई के स्रोत और पूर्वांचल में इस नेटवर्क के हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।



रिपोर्टर: रणजीत मोदनवाल

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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