संभावित बाढ़ के मद्देनजर तटबंधों का सघन निरीक्षण, राहत-बचाव की तैयारियां तेज

संभावित बाढ़ के मद्देनजर तटबंधों का सघन निरीक्षण, राहत-बचाव की तैयारियां तेज

10 बाढ़ चौकियां और 16 बाढ़ शरणालय तैयार, 137 नावें व 56 गोताखोर चिन्हित

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर मंगलवार को संभावित बाढ़ के मद्देनजर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और संवेदनशील तटबंधों का सघन निरीक्षण किया गया। उपजिलाधिकारी खड्डा और उपजिलाधिकारी तमकुहीराज ने बाढ़ खंड के अधिकारियों, पीएसी की फ्लड बटालियन और राज्य आपदा मोचक बल की टीम के साथ विभिन्न संवेदनशील तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया।

उपजिलाधिकारी खड्डा ने विराभार ठोकर, भैंसहां और मदनपुर-सुकरौली बंधे का निरीक्षण किया। इस दौरान तटबंधों पर रेनकट, रैटहोल, शाही मांद, सीपेज और अन्य संभावित कमजोरियों की जांच की गई। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी समस्या की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए।

नायब तहसीलदार खड्डा ने महादेव में ग्रामीण चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्हें संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी गई और आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की गई।

10 बाढ़ चौकियां और 16 शरणालय तैयार

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिले में 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इनमें खड्डा तहसील में छह और तमकुहीराज में चार चौकियां शामिल हैं। इसके अलावा 16 बाढ़ शरणालय चिन्हित किए गए हैं, जिनमें खड्डा में छह और तमकुहीराज में 10 शरणालय हैं। इन स्थानों पर पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन और विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की चौबीसों घंटे शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है।


राहत और बचाव के लिए जिले में 137 नावें उपलब्ध एवं चिन्हित की गई हैं। इनमें 34 बड़ी, 47 मझोली और 56 छोटी नावें हैं। इसके अलावा 56 गोताखोर भी चिन्हित किए गए हैं। खोज एवं बचाव कार्य के लिए मेगाफोन, जीवन रक्षक जैकेट, लाइफ बॉय और फोल्डेबल स्ट्रेचर समेत आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। खड्डा में एसडीआरएफ और तमकुहीराज में पीएसी की फ्लड बटालियन की टीम तैनात की गई है।

नियंत्रण कक्ष सक्रिय

जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05564-240590 और टोल फ्री नंबर 1077 सक्रिय किए गए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

राहत सामग्री का पर्याप्त भंडार

बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह के लिए खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए 26 प्रकार की सामग्री की निविदा प्रक्रिया पूरी की गई है। इसमें लाई, चना, भुना चना, चीनी, बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, साबुन, बाल्टी, तिरपाल, आटा, चावल, दाल, आलू, मसाले, तेल, नमक, सैनिटरी पैड, तौलिया सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है।


आपूर्ति विभाग ने 5,000 लीटर डीजल-पेट्रोल तथा सामुदायिक रसोई के लिए गैस सिलेंडर आरक्षित किए हैं। स्वास्थ्य विभाग को एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर

सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आपातकालीन कक्ष और इनडोर वार्ड की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय में दो एंबुलेंस क्रियाशील हैं तथा 25 बेड का पीआईसीयू तैयार किया गया है।

आपातकालीन दवाएं, एंटी-स्नेक वेनम, ओआरएस, ऑक्सीजन मास्क और अन्य आवश्यक सामग्री सुरक्षित रखी गई है। जुलाई से अक्टूबर के बीच प्रसव संभावित 421 गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया है। इनमें खड्डा की 217, दुदही की 100 और सेवरही की 104 महिलाएं शामिल हैं। जिला स्तर पर एक और प्रत्येक सीएचसी स्तर पर 14 रैपिड रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है।

पशुओं के चारे की भी व्यवस्था

बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था के लिए भूसा व्यापारियों की सूची तैयार की गई है। जनपद स्तर पर भूसा क्रय की निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

संवेदनशील तटबंधों की सुरक्षा के लिए स्टोन बोल्डर, खाली सीमेंट की बोरियां, नायलॉन क्रेट, जीआई वायर क्रेट, जियो बैग और पीपी रोप गैवियन सहित आवश्यक सामग्री का रिजर्व स्टॉक उपलब्ध रखा गया है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील तटबंधों की निगरानी, राहत-बचाव संसाधनों की उपलब्धता और प्रभावित क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।



रिपोर्टर:ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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