गांवों में एक्स-रे शिविर लगाकर खोजे जा रहे टीबी मरीज

गांवों में एक्स-रे शिविर लगाकर खोजे जा रहे टीबी मरीज

678 शिविरों में 54,240 लोगों की हुई स्क्रीनिंग, 71 मरीजों में टीबी की पुष्टि, उपचार जारी

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

देवरिया।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। 24 मार्च 2026 से शुरू हुए 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक आयोजित 678 शिविरों में 54,240 लोगों की जांच की गई, जिनमें 71 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों का स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में उपचार जारी है। वर्तमान में जिले में कुल 3,074 टीबी मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के नेतृत्व में ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कोटेदार, स्वयंसेवकों तथा रोगी हितकारी मंच के सहयोग से नियमित शिविर आयोजित कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि लंबे समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना तथा लगातार कमजोरी जैसे लक्षण वाले लोगों की एक्स-रे सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जा रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक से लैस पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें रिपोर्ट का तेजी से विश्लेषण कर संभावित मरीजों की पहचान करने में मदद कर रही हैं।

डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मार्च से अब तक 678 शिविरों में 54,240 संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग की गई और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से उनकी जांच की गई। जांच के दौरान 71 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई, जिनका उपचार स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में लगातार जारी है।

उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के दौरान आशा एवं स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, पौष्टिक आहार अपनाने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने के बारे में जानकारी दी जा रही है।

स्वास्थ्य केंद्रों पर ट्रू-नैट और सीबी-नैट मशीनों से हो रही जांच

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सहित कुल 22 ट्रू-नैट और तीन सीबी-नैट मशीनें उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से टीबी की त्वरित एवं सटीक जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की 20 तारीख को टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की जाएगी। साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके पोषण एवं उपचार में सहयोग करने की अपील की गई है।


रिपोर्टर: पवन कुमार

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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