सोलर पैनल का पूरा सेटअप, लागत, आवेदन प्रक्रिया और सही कंपनी कैसे चुनें?


भाग–2 : सोलर पैनल का पूरा सेटअप, लागत, आवेदन प्रक्रिया और सही कंपनी कैसे चुनें?

(यह भाग भाग–1 के आगे का क्रम है।)

 कुशीनगर
घर की छत पर कैसे बनता है बिजलीघर?

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

कुशीनगरअधिकांश लोग सोलर पैनल का नाम तो जानते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि पूरा सिस्टम किन-किन उपकरणों से मिलकर बनता है। वास्तव में सोलर प्लांट केवल पैनल नहीं होता, बल्कि कई महत्वपूर्ण हिस्सों का संयोजन होता है।

सोलर सिस्टम के मुख्य उपकरण
1. सोलर पैनल यही सूरज की रोशनी को बिजली में बदलता है। आजकल मोनो PERC और TOPCon जैसी तकनीक वाले पैनल अधिक लोकप्रिय हैं क्योंकि ये कम जगह में अधिक बिजली बना सकते हैं।

2. सोलर इनवर्टर पैनल से निकलने वाली DC बिजली को AC में बदलता है ताकि घर के पंखे, टीवी, फ्रिज, मोटर और अन्य उपकरण चल सकें।

3. माउंटिंग स्ट्रक्चर लोहे या एल्युमिनियम का मजबूत ढांचा जिस पर पैनल लगाए जाते हैं।

4. वायरिंग और सुरक्षा उपकरण MCB, SPD, अर्थिंग, DC बॉक्स और AC बॉक्स पूरे सिस्टम को सुरक्षित रखते हैं।

5. नेट मीटर यदि आपका सिस्टम ग्रिड से जुड़ा है तो अतिरिक्त बिजली बिजली विभाग के नेटवर्क में भेजी जा सकती है। कई राज्यों में उपभोक्ता नेट मीटरिंग के माध्यम से इसका लाभ उठा सकते हैं। स्थानीय नियम संबंधित बिजली वितरण कंपनी से अवश्य जांचें।

किस परिवार को कितने किलोवाट का सिस्टम लेना चाहिए?
1 किलोवाट:    छोटे परिवार के लिए           2-3 पंखे                एलईडी लाइट           टीवी        मोबाइल चार्जिंग
2 किलोवाट     3-5 सदस्यीय परिवार       फ्रिज                    वॉशिंग मशीन            टीवी        पंखे
एलईडी

3 किलोवाट     सामान्य मध्यम वर्गीय परिवारफ्रिज कूलर        वॉशिंग मशीन    कंप्यूटर        पानी की मोटर
5 किलोवाट        बड़ा मकान                 दुकान                 छोटा कार्यालय    अधिक बिजली उपयोग

10 किलोवाट        स्कूल                      अस्पताल                होटल    छोटे उद्योग       व्यावसायिक प्रतिष्ठान


कितना खर्च आता है?
कीमतें समय, स्थान, तकनीक और अधिकृत विक्रेता के अनुसार बदलती रहती हैं। इसलिए अंतिम लागत का अनुमान केवल अधिकृत इंस्टॉलर से ही लें।
सरकारी सब्सिडी मिलने के बाद उपभोक्ता का वास्तविक खर्च काफी कम हो सकता है। योजना के नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं।
आवेदन कैसे करें?

सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
PM Surya Ghar पोर्टल https://solarrooftop.pmsuryaghar.gov.in⁠

इसके बाद—
✔ मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।            ✔ राज्य चुनें।                                 ✔ बिजली वितरण कंपनी चुनें।
✔ उपभोक्ता संख्या दर्ज करें।                      ✔ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
✔ अनुमोदन प्राप्त होने के बाद अधिकृत विक्रेता से सोलर सिस्टम लगवाएँ।      ✔ निरीक्षण और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होने पर पात्रता के अनुसार सब्सिडी बैंक खाते में भेजी जाती है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड                            बिजली बिल
बैंक पासबुक                           मोबाइल नंबर
ईमेल (यदि उपलब्ध हो)            घर के स्वामित्व या संबंधित दस्तावेज (जहाँ आवश्यक हों)

कौन-सी कंपनी चुनें?                
भारत में कई कंपनियाँ सोलर पैनल बनाती हैं।

Tata Power Solar                        विश्वसनीय ब्रांड, अच्छा सर्विस नेटवर्क।
Waaree                                        देश की प्रमुख सोलर कंपनियों में से एक।
Adani Solar                                 बड़े पैमाने पर निर्माण और आधुनिक तकनीक।
Vikram Solar                                उच्च गुणवत्ता वाले मॉड्यूल के लिए जानी जाती है।
RenewSys                                    भारतीय निर्माण और विभिन्न प्रकार के सोलर उत्पाद।


 
ध्यान दें: किसी भी कंपनी का चयन करने से पहले वारंटी, BIS प्रमाणन, अधिकृत इंस्टॉलर और स्थानीय सेवा उपलब्धता अवश्य जांचें।

अच्छी कंपनी कैसे पहचानें?
✔ BIS प्रमाणित पैनल                ✔ लंबी उत्पाद वारंटी                    ✔ प्रदर्शन वारंटी                        
✔ स्थानीय सर्विस                        ✔ अधिकृत इंस्टॉलर                    ✔ अच्छी ग्राहक प्रतिक्रिया

कौन-सी तकनीक बेहतर?
आज बाजार में मुख्य रूप से—        Mono PERC            TOPCon
जैसी तकनीकों की मांग बढ़ रही है क्योंकि ये कम जगह में अधिक उत्पादन देने के लिए जानी जाती हैं।


सोलर लगवाते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ
❌ सबसे सस्ता सिस्टम खरीद लेना                        ❌ बिना वारंटी के खरीदना
❌ स्थानीय अनधिकृत इंस्टॉलर चुनना                    ❌ घटिया वायरिंग
❌ अर्थिंग न कराना                                              ❌ नेट मीटरिंग की जानकारी न लेना

बिजली बिल में कितनी बचत?
यदि घर की बिजली खपत के अनुरूप सही क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाए और उसका रखरखाव ठीक से किया जाए, तो लंबे समय में बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत संभव है। वास्तविक बचत आपके क्षेत्र, बिजली उपयोग, धूप और स्थानीय बिजली दरों पर निर्भर करेगी।
क्रमशः…

 

रिपोर्टर: Ajay Tripathi

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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