नशे की तस्करी पर सरकार का शिकंजा, एनसीबी को मजबूत करने के लिए देशभर में बढ़ाया गया नेटवर्क

नशे की तस्करी पर सरकार का शिकंजा, एनसीबी को मजबूत करने के लिए देशभर में बढ़ाया गया नेटवर्क

नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए 2026-29 का तीन वर्षीय रोडमैप जारी, गोरखपुर समेत कई शहरों में नए क्षेत्रीय कार्यालय

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

नई दिल्ली। देश में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां और राज्य पुलिस नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत लगातार प्रवर्तन कार्रवाई कर रही हैं।


इन समन्वित प्रयासों के तहत नशीले पदार्थों की जब्ती, मामलों का पंजीकरण, आरोपियों की गिरफ्तारी, जब्त मादक पदार्थों का निस्तारण, अवैध खेती पर रोक, वित्तीय जांच और अवैध तस्करी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ निवारक हिरासत जैसी कार्रवाई की जा रही है।

तीन साल का रोडमैप जारी

देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग की चुनौती से निपटने के लिए 26 जून 2026 को ‘मादक पदार्थों पर नियंत्रण संबंधी विजन दस्तावेज 2026-2029’ जारी किया गया है। इसमें ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण के साथ नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न हितधारकों की स्पष्ट प्राथमिकताएं और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

चार स्तरीय नार्को-समन्वय केंद्र तंत्र स्थापित

केंद्र और राज्य स्तर की मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए देश में चार स्तरीय नार्को-समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) तंत्र स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई को मजबूत किया जा रहा है।



स्रोत: pib

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