रेलवन ऐप की बढ़ी लोकप्रियता, 4.55 करोड़ डाउनलोड और रोजाना 9.65 लाख टिकट बुकिंग
ई-टिकटिंग में फर्जीवाड़े पर रेलवे की सख्ती, आरपीएफ ने पांच साल में 22,676 दलालों को किया गिरफ्तार
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे का रेलवन ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यात्रियों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2025 को शुरू किए गए इस ऐप को अब तक 4.55 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। ऐप के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 9.65 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं, जिसमें करीब 2.75 लाख आरक्षित और 6.89 लाख अनारक्षित टिकट शामिल हैं।
रेलवन ऐप यात्रियों को आरक्षित और अनारक्षित टिकट के साथ प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन पूछताछ, पीएनआर पूछताछ और रेलमदद जैसी कई यात्री-केंद्रित सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। यात्री मोबाइल फोन के जरिए आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं।
रेलमदद से 6.94 लाख से अधिक मामलों में सहायता
भारतीय रेलवे का रेलमदद यात्रियों की शिकायत, सहायता और पूछताछ के लिए एकीकृत मंच के रूप में काम कर रहा है। यात्री हेल्पलाइन नंबर 139, वेबसाइट, मोबाइल ऐप और एसएमएस के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलमदद ने 6,94,368 मामलों में यात्रियों को सहायता प्रदान की। इनमें 89.49 प्रतिशत मामलों में उत्कृष्ट और संतोषजनक प्रतिक्रिया मिली। पिछले तीन वर्षों में शिकायतों के समाधान की दर 99.98 प्रतिशत से अधिक रही है।
आधार सत्यापन से तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता
तत्काल टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़ा और अनधिकृत एजेंटों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा आधार सत्यापित यात्रियों तक सीमित की गई है। चुनिंदा ट्रेनों में तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार आधारित ओटीपी सत्यापन भी शुरू किया गया है।
रेलवे ने टिकटिंग प्रणाली को साइबर हमलों से बचाने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसमें नेटवर्क फायरवॉल, घुसपैठ रोकथाम प्रणाली, वेब एप्लीकेशन फायरवॉल, सुरक्षित डीएनएस, कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क और एंटी-बॉट तकनीक शामिल हैं।
एंटी-बॉट तकनीक से संदिग्ध ट्रैफिक में भारी कमी
रेलवे के अनुसार, एनजीईटी ई-टिकटिंग प्रणाली पर एंटी-बॉट तकनीक के इस्तेमाल से संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण ट्रैफिक को कम करने में मदद मिली है। जनवरी से जून 2026 के बीच ई-टिकटिंग प्रणाली तक पहुंचने वाले अरबों अनुरोधों में बड़ी संख्या को बॉट गतिविधि के रूप में चिन्हित कर रोका गया।
जून 2026 में 19.12 अरब अनुरोधों में 12.61 अरब यानी 65.95 प्रतिशत बॉट गतिविधियां थीं। मई में 20.07 अरब अनुरोधों में 12.08 अरब यानी 60.18 प्रतिशत, अप्रैल में 17.33 अरब में 10.64 अरब यानी 61.39 प्रतिशत और मार्च में 12.44 अरब में 5.71 अरब यानी 45.90 प्रतिशत बॉट अनुरोध पाए गए।
फरवरी 2026 में 11.01 अरब अनुरोधों में 5.01 अरब यानी 45.50 प्रतिशत और जनवरी में 12.35 अरब अनुरोधों में 7.26 अरब यानी 58.78 प्रतिशत बॉट गतिविधियां दर्ज की गईं। पिछले छह महीनों में कुल 15.38 अरब अनुरोधों में औसतन 8.88 अरब यानी 57.74 प्रतिशत अनुरोध बॉट गतिविधियों से संबंधित पाए गए।
पांच साल में 22,676 दलाल गिरफ्तार
ई-टिकटिंग में अनधिकृत गतिविधियों और दलाली पर रोक लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2021 से 2025 और जून 2026 तक रेलवे सुरक्षा बल ने 22,676 दलालों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ रेलवे अधिनियम, 1989 के संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
6.68 करोड़ से अधिक यूजर खाते निष्क्रिय
अनधिकृत पहुंच और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने यूजर खातों की व्यापक जांच की। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 तक 6.68 करोड़ से अधिक यूजर खातों को निष्क्रिय किया गया, जबकि 6.22 करोड़ से अधिक खातों को पुनः सत्यापन के विकल्प के साथ अस्थायी रूप से निलंबित किया गया।
रेलवे के अनुसार, आधार लिंक नहीं होने के कारण आईआरसीटीसी ने किसी भी यूजर खाते को निष्क्रिय नहीं किया है। संदिग्ध खातों की पहचान के लिए असामान्य मोबाइल नंबर, ईमेल डोमेन और आईपी एड्रेस समेत कई मानकों का उपयोग किया जाता है।
संदिग्ध ईमेल डोमेन और बुकिंग पर भी कार्रवाई
वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 30 जून 2026 तक संदिग्ध बुकिंग से संबंधित 530 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज की गईं। इसी अवधि में 13,343 संदिग्ध ईमेल डोमेन को ब्लॉक किया गया।
रेलवे की आरक्षण प्रणाली का नियमित सुरक्षा ऑडिट सीईआरटी-इन द्वारा सूचीबद्ध सूचना सुरक्षा ऑडिट एजेंसियों के माध्यम से कराया जाता है। साइबर हमलों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए सीईआरटी-इन और नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर द्वारा टिकटिंग सिस्टम से संबंधित इंटरनेट ट्रैफिक की लगातार निगरानी की जा रही है।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में यात्रियों का भरोसा बढ़ा
जून 2025 से जून 2026 के बीच रेलवे में कुल 65.08 करोड़ टिकटों की बिक्री हुई। इनमें 57.90 करोड़ यानी 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए गए, जबकि 7.18 करोड़ यानी 11 प्रतिशत टिकट काउंटर से खरीदे गए। आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
रेलवे की ओर से टिकट बुकिंग प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार तकनीकी और प्रशासनिक उपाय किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य वास्तविक यात्रियों को निर्बाध टिकट बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराना और दलालों तथा स्वचालित बॉट गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
रिपोर्टर: Desk
टाइम्स ऑफ कुशीनगर


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