अभाविप के स्थापना दिवस पर राष्ट्र निर्माण का संकल्प, विद्यार्थियों से कहा- शिक्षा का लक्ष्य केवल नौकरी नहीं, समाज और राष्ट्र की सेवा भी
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित संगोष्ठी में प्रो. सुषमा पाण्डेय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को केवल सपने देखने की नहीं, बल्कि उन्हें संकल्प और कर्म के बल पर साकार करने की प्रेरणा दी थी। आज आवश्यकता ऐसे विद्यार्थियों की है, जो अपने व्यक्तित्व का विकास करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार करना है, जो देश के विकास की धुरी बन सकें।
स्वागत भाषण में अभाविप के प्रांत सहमंत्री अजय कुशवाहा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही छात्र हित, शिक्षा सुधार और राष्ट्रीय चेतना के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संगठन का उद्देश्य छात्र शक्ति को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना और युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
कार्यक्रम का संचालन शिवम सिंह ने किया, जबकि जिला संयोजक नीतीश सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत हैं और उनके आदर्शों को अपनाकर ही विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में तहसील संयोजक श्वेत कुमार सिंह, अजय शर्मा, आकृति सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्टर: अजय कुमार त्रिपाठी
टाइम्स ऑफ कुशीनगर

0 टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए आप को धन्यबाद!
.................................TIMES OF KUSHINAGAR