प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच, समय रहते कराएं धान और मक्का फसल का बीमा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच, समय रहते कराएं धान और मक्का फसल का बीमा

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। खरीफ सत्र 2026 में जनपद कुशीनगर में लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की जा रही है। धान एवं मक्का की फसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आच्छादित हैं। योजना के तहत भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) को नामित बीमा कंपनी बनाया गया है। धान की फसल का बीमा कराने के लिए किसानों को बीमित धनराशि का मात्र दो प्रतिशत प्रीमियम, यानी 1,634 रुपये प्रति हेक्टेयर जमा करना होगा।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता एवं प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। कम वर्षा, असफल बुवाई, कीट एवं रोगों का प्रकोप, अनावृष्टि, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बिजली गिरने सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल नष्ट होने अथवा उत्पादन में कमी आने पर नियमानुसार बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसान उठा सकते हैं। ऋणी किसान अपने बैंक के माध्यम से, जबकि गैर-ऋणी किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल अथवा अधिकृत बीमा प्रतिनिधि के माध्यम से अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। बीमा के लिए आधार कार्ड, फसल बुवाई की घोषणा, नवीनतम खतौनी तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति आवश्यक होगी।

किसानों की सुविधा के लिए तहसील स्तर पर फसल बीमा प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई है। किसान योजना से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए जिला समन्वयक प्रिंस कुमार मिश्रा (मो. 9549634331), पडरौना तहसील के लिए आकाश कुमार गौड़ (मो. 8423611651), खड्डा तहसील के लिए मनीष कुमार सिंह (मो. 9721108986), कप्तानगंज तहसील के लिए वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय (मो. 6394380693), हाटा तहसील के लिए ज्ञानजीत वर्मा (मो. 9450945711), कसया तहसील के लिए अभय प्रताप सिंह (मो. 8009952236) तथा तमकुहीराज तहसील के लिए आलोक गुप्ता (मो. 7518207819) से संपर्क कर सकते हैं।

उप कृषि निदेशक ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी धान एवं मक्का की फसल का बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।



रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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