नेपाल दूतावास की सूचना पर कुशीनगर में बड़ी कार्रवाई, 453 नेपाली नागरिक बरामद


कसया में चार महीने से चल रहे कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़, पुलिस और खुफिया तंत्र पर उठे सवाल

विशेष संवाददाता,
टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर,

कुशीनगर। नेपाल दूतावास की सूचना पर कुशीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कसया थाना क्षेत्र से 453 नेपाली युवक-युवतियों को बरामद किया है। मामले में नौ नेपाली नागरिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद न केवल कथित ठगी और चेन मार्केटिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है, बल्कि स्थानीय पुलिस एवं खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

सूत्रों के अनुसार नेपाल दूतावास को शिकायत मिली थी कि कुशीनगर में बड़ी संख्या में नेपाली नागरिकों को नौकरी और अधिक आय का लालच देकर कथित चेन मार्केटिंग तथा ऑनलाइन ठगी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है। शिकायत में कुछ लोगों को बंधक बनाकर रखने और उनके मानवाधिकारों के हनन का भी आरोप लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दूतावास ने भारतीय अधिकारियों से हस्तक्षेप का अनुरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने शनिवार को छापेमारी की कार्रवाई की।

बताया जा रहा है कि फरवरी 2026 से कसया के सपहा रोड क्षेत्र में दो बड़े प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहे थे। यहां सैकड़ों नेपाली युवक-युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे और उनके रहने के लिए आठ से दस मकान किराए पर लिए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नेपाली नागरिकों की बढ़ती संख्या चर्चा का विषय बन चुकी थी, इसके बावजूद पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई सक्रिय नहीं दिखी।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतने बड़े पैमाने पर विदेशी नागरिकों के रहने की जानकारी स्थानीय प्रशासन को क्यों नहीं हुई? क्या उनके दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया था? क्या मकान मालिकों ने पुलिस को किरायेदारों की सूचना दी थी? और यदि दी थी तो उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जानकारों का मानना है कि यह केवल ठगी गिरोह का मामला नहीं, बल्कि स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र की विफलता का भी संकेत है। यदि नेपाल दूतावास की सूचना के बाद ही कार्रवाई संभव हुई, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
कुशीनगर नेपाल सीमा से जुड़ा एक संवेदनशील जिला है, जहां विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। ऐसे में 453 नेपाली नागरिकों की बरामदगी केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की प्रभावशीलता पर भी बड़ा सवाल बनकर सामने आई है।

रिपोर्टर: ब्यूरो 

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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