प्रोबेशन विभाग की योजनाओं की डीएम ने की गहन समीक्षा कस्तूरबा विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने, वन स्टॉप सेंटर की क्षमता विस्तार एवं योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश

प्रोबेशन विभाग की योजनाओं की डीएम ने की गहन समीक्षा

कस्तूरबा विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने, वन स्टॉप सेंटर की क्षमता विस्तार एवं योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरों

देवरिया |
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए सभी योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रोबेशन विभाग की योजनाएं महिलाओं, बच्चों, निराश्रितों, पीड़ितों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के कल्याण से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के संचालन और क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों एवं किशोरियों के बीच सकारात्मक वातावरण विकसित करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बालिकाओं का नामांकन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कराया जाए। इसके लिए अभिभावकों को विद्यालयों में उपलब्ध निःशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा, सुरक्षा, खेलकूद एवं अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही उन्हें यह भी बताया जाए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बालिकाओं के जीवन स्तर, व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास एवं भविष्य की संभावनाओं को सशक्त बनाती है।

जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, घरेलू हिंसा से संबंधित प्रकरणों, कन्या सुमंगला योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी योजनाओं में अपेक्षित सुधार लाने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभार्थियों को शीघ्र योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश दिए।

वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वहां आश्रय प्राप्त करने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध आवासीय क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने घरेलू हिंसा सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए कहा कि पोस्टर, बैनर, जनजागरूकता कार्यक्रमों एवं अन्य माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं का थाना-वार डाटा संधारित किया जाए, जिससे योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समीक्षा सुनिश्चित हो सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सावित्री राय, सदस्य मीनू जायसवाल एवं नीतू भारती, बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, अमित उपाध्याय सहित प्रोबेशन विभाग, बाल संरक्षण इकाई एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



रिपोर्टर: ब्यूरों

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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