स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में ‘मौत का कारोबार’! ग्लैक्सी से मन्नत और अब मुन्ना पाली तक नाम बदलकर चलता रहा तबरेज का खेल
टाईम्स आफ कुशीनगर व्यूरों
कुशीनगर।जिले में स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही और मिलीभगत के चलते अवैध अस्पतालों का ऐसा नेटवर्क खड़ा हो चुका है, जहां इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी से खुलकर खिलवाड़ किया जा रहा है। खिरकिया क्षेत्र स्थित मुन्ना पाली क्लिनिक पर कार्रवाई के बाद एक बार फिर पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक बिना मानक, बिना योग्य चिकित्सक और बिना वैध अनुमति के यह क्लिनिक लंबे समय से संचालित हो रहा था, जहां प्रसव के दौरान हुई गंभीर लापरवाही के बाद मामला उजागर हुआ और प्रशासन को अस्पताल सील करना पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आरोप है कि संचालक तबरेज आलम ने हर बार नाम बदलकर “कारोबार” जारी रखा। कभी “ग्लैक्सी हॉस्पिटल”, फिर “मन्नत हॉस्पिटल” और अब “मुन्ना पाली क्लिनिक”—नाम बदलते रहे, लेकिन लापरवाही और मौत के आरोप लगातार दोहराए जाते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इसी नेटवर्क से जुड़े अस्पतालों में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले सामने आए थे, लेकिन कार्रवाई सिर्फ ताले लगाने तक सीमित रह गई, जबकि कुछ समय बाद वही खेल नए नाम से फिर शुरू हो गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक ही व्यक्ति बार-बार नाम बदलकर अस्पताल चलाता रहा और स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, या फिर सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता रहा?
लोगों में गुस्सा है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो कई परिवार उजड़ने से बच सकते थे। अब सवाल यह है कि क्या यह सीलिंग सिर्फ औपचारिक कार्रवाई है या फिर इस पूरे “अवैध मेडिकल नेटवर्क” पर असली शिकंजा भी कसा जाएगा?
रिपोर्टर: अजय कुमार त्रिपाठी
टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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