खलिहान की जमीन पर निर्माण का आरोप, ग्राम पंचायत में करोड़ों के विकास कार्यों पर उठे सवाल

खलिहान की जमीन पर निर्माण का आरोप, ग्राम पंचायत में करोड़ों के विकास कार्यों पर उठे सवाल
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो 
पडरौना/कुशीनगर।विकास खंड मोतीचक की ग्राम पंचायत अथरहा में सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध निर्माण और सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव निवासी परशुराम कुशवाहा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, अवैध निर्माण पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम सभा की सुरक्षित खलिहान भूमि पर नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। आरोप के अनुसार गाटा संख्या 387, जो सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित भूमि बताई गई है, पर मनरेगा और विभिन्न वित्त आयोगों की धनराशि से डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क एवं प्रतिमा स्थापना का कार्य कराया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि इस कार्य में करीब 8.75 लाख रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि खर्च दिखाई गई, जबकि मौके पर निर्माण कार्य गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप नहीं मिला।
मामले को और गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विधायक निधि से प्रस्तावित विवाह भवन के लिए अभिलेखों में दूसरी भूमि दर्शाई गई, जबकि वास्तविक निर्माण खलिहान की भूमि गाटा संख्या 529 पर कराया जा रहा है। शिकायत में इसे सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और धन के विचलन का मामला बताया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि गाटा संख्या 229 में निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खड़ंजा निर्माण की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि ग्राम सभा की सार्वजनिक संपत्तियों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के सामुदायिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत में कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मानकविहीन सामग्री, सफेद बालू और कम मोटाई की ढलाई का प्रयोग किया गया, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। उनका कहना है कि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर गुणवत्ता नजर नहीं आ रही है।
परशुराम कुशवाहा ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए, अवैध निर्माण तत्काल रोका जाए, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तथा सरकारी धन की रिकवरी सुनिश्चित की जाए। शिकायत के साथ खतौनी की प्रतियां और निर्माण कार्यों के छायाचित्र भी संलग्न किए गए हैं।अब पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है।



रिपोर्टर: ब्यूरो 

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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