मैनपुर हादसे के बाद लाइसेंस, खनन अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग तेज
निष्पक्ष जांच हुई तो कई विभागों की भूमिका भी आ सकती है सामने
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो, कुशीनगर।
कसया थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मैनपुर के टोला दीनापट्टी स्थित पंकज ईंट उद्योग में तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद जिले में संचालित ईंट भट्ठों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। यह मामला अब केवल हादसे तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि ईंट भट्ठों पर सुरक्षा मानकों के पालन, विभागीय अनुमति और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी गंभीर बहस शुरू हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि ईंट भट्ठे पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। बताया जा रहा है कि ईंट निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की गई थी, जिसके बाद बने गहरे गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया। बरसात का पानी भरने से वही गड्ढा मौत का कारण बन गया।
जानकारों के अनुसार किसी भी ईंट भट्ठे के संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति, खनन विभाग की अनुमति, भूमि संबंधी स्वीकृति, श्रम विभाग में पंजीकरण तथा सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है। इसके अलावा पानी भरे गड्ढों की घेराबंदी और चेतावनी बोर्ड लगाना भी जरूरी माना जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिले के कई ईंट भट्ठों पर नियम केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद रहती है। हादसे के बाद मजदूर परिवारों में भय और आक्रोश का माहौल है।घटना के बाद जिलाधिकारी द्वारा पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है तथा मृतक बच्चों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा भी की गई है। हालांकि अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच केवल हादसे तक सीमित रहती है या फिर ईंट भट्ठे के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विभागीय जिम्मेदारियों की भी गहराई से पड़ताल की जाएगी।
हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

0 टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए आप को धन्यबाद!
.................................TIMES OF KUSHINAGAR