हिरण्यवती नदी एवं कुलकुला देवी मंदिरक्षेत्र का होगा समग्र विकास : जिलाधिकारी
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो,
कुशीनगर।जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने शुक्रवार को विकास खंड कसया के दिलीपनगर स्थित धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के माँ कुलकुला देवी मंदिर तथा उसके समीप बहने वाली हिरण्यवती नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, नदी क्षेत्र एवं आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परिसर एवं नदी तट के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा एवं जिला पंचायत राज विभाग द्वारा कराए जा रहे सफाई कार्यों की प्रगति का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि हिरण्यवती नदी को 500-500 मीटर के खंडों में विभाजित कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से सफाई कार्य कराया जाए। पर्यटकों द्वारा फेंके गए प्लास्टिक अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र कर उचित स्थान पर निस्तारित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां ड्रोन सर्वेक्षण कराकर मशीनों की सहायता से नदी में जमी सिल्ट एवं झाड़ियों की सफाई कराई जाएगी। साथ ही गांवों से नदी में गिरने वाले पानी को फिल्टर करने के लिए विभिन्न स्थानों पर चैंबर बनाए जाएंगे, जिससे नदी का जल प्रदूषित न हो और स्वच्छता बनी रहे।
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं आसपास स्थित भूमि, आराजी संख्या एवं क्षेत्रफल की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील प्रशासन को निर्देशित किया कि मंदिर परिसर एवं आसपास की भूमि का नक्शा एवं विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए, ताकि पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण की समुचित योजना बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जो कार्य अब तक विभिन्न कारणों से लंबित रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि माँ कुलकुला देवी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि खाली स्थानों को सुव्यवस्थित रूप से विकसित कर जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुषों हेतु पृथक शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत मंदिर एवं नदी क्षेत्र के आसपास लगभग दो लाख पौधे लगाए जाने की योजना है, जिनमें 10 हजार फलदार पौधे शामिल होंगे। इससे बंदरों एवं पक्षियों के लिए प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों से जिलाधिकारी ने श्रमदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रमदान की तिथि निर्धारित होने पर उन्हें भी सूचित किया जाए ताकि वे स्वयं भी इस जनभागीदारी अभियान में सहभागी बन सकें।
सफाई कार्य में लगे श्रमिकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने स्थानीय सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्सकों की टीम मौके पर तैनात रखने के निर्देश दिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, तहसीलदार कसया, तहसील प्रशासन के अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीसी मनरेगा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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