ग्रीष्मकालीन चूसक कीटों से बचाव हेतु एडवाइजरी
टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो
कुशीनगर।जनपद में गन्ना फसल को ग्रीष्मकालीन चूसक कीटों से बचाने के लिए कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने बताया कि प्रदेश में काला चिकटा, थ्रिप्स एवं सैनिक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गन्ना फसल को नुकसान का खतरा उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने बताया कि काला चिकटा एवं थ्रिप्स पत्तियों का रस चूसकर उन्हें पीला या सफेद बना देते हैं, जिससे फसल की वृद्धि प्रभावित होती है। वहीं सैनिक कीट समूह में पत्तियों को तेजी से खाकर फसल को भारी क्षति पहुंचाता है।
जानकारी के अनुसार, काला चिकटा अप्रैल से जून के बीच गर्म एवं शुष्क मौसम में अधिक सक्रिय रहता है और पत्तियों पर कत्थई धब्बे छोड़ता है। थ्रिप्स अत्यंत सूक्ष्म कीट होते हैं, जो पत्तियों के भीतर अंडे देकर उन्हें मोड़ देते हैं, जिससे पत्तियों पर चांदी जैसी चमक दिखाई देती है। सैनिक कीट की सूंडी अवस्था पत्तियों को खाकर नुकसान पहुंचाती है और दिन में मिट्टी में छिपी रहती है।
जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों की नियमित सिंचाई, गुड़ाई तथा खरपतवार नियंत्रण करें। साथ ही सूखी पत्तियों को हटाकर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें।
कीट नियंत्रण के लिए प्रभावित खेतों में प्रोफेनोफॉस 40% + साइपरमेन्थिन 4% ई.सी. 750 मि.ली. प्रति हेक्टेयर या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एस.एल. 200 मि.ली. प्रति हेक्टेयर की दर से 625 लीटर पानी में घोल बनाकर सुबह या शाम के समय छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करें और प्रारंभिक अवस्था में ही कीटों की पहचान कर नियंत्रण उपाय अपनाएं, ताकि उत्पादन एवं गुणवत्ता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

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