स्वास्थ्य विभाग में बड़ा एक्शन: 24 आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा समाप्त

🔴 जांच में गड़बड़ी मिलने पर डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई
🔴 पूर्व सीएमओ के कार्यकाल में हुई थीं नियुक्तियां, अब भ्रष्टाचार के आरोपों पर उठे सवाल
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
कुशीनगर। स्वास्थ्य विभाग में नियमों को दरकिनार कर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त किए गए 24 सफाई कर्मियों एवं सपोर्ट स्टाफ की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि करीब तीन माह पूर्व तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुरेश पटारिया के कार्यकाल में 12 अभ्यर्थियों की कथित रूप से फर्जी तरीके से नियुक्ति की गई थी। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई, जिसके बाद सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट में नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने के बाद जिलाधिकारी द्वारा इन नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया। बाद में जांच के दायरे में आए अन्य मामलों को जोड़ते हुए कुल 24 सफाई कर्मियों और सपोर्ट स्टाफ की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज है। आरोप है कि तत्कालीन अधिकारियों के कार्यकाल में नियमों की अनदेखी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि जांच में अनियमितताएं सामने आने के बावजूद पूर्व सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया एवं तत्कालीन कार्यवाहक सीएमओ डॉ. बृजनंदन के खिलाफ अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
इसको लेकर लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि जब जांच में फर्जी तरीके से नियुक्तियां किए जाने की पुष्टि हो चुकी है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। आमजन में यह चर्चा भी है कि यदि ऐसा कार्य कोई सामान्य व्यक्ति करता, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाती।फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है और अब सबकी निगाह शासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।



रिपोर्टर: व्यूरों

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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