लोकायुक्त का शिकंजा: डीआईओएस की घोटालों की परतें खुलने को तैयार, कार्यालय मे मचा हड़कंप
टाईम्स आफ कुशीनगर व्यूरो।
कुशीनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। अब यह पूरा प्रकरण लोकायुक्त जांच के दायरे में आ गया है, जिससे शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।
लोकायुक्त कार्यालय से जारी पत्र संख्या 68-2026/06 (दिनांक 8 अप्रैल 2026) के अनुसार, कुशीनगर निवासी परिवादी वीरेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत 61 पन्नों के परिवाद और सीडी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
निर्देशों के तहत जिलाधिकारी कुशीनगर की अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय जांच समिति गठित की जाएगी, जिसमें वित्त एवं लेखाधिकारी तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जांच का उद्देश्य मामले की वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं से गहन समीक्षा करना है।
इसके साथ ही लोकायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया में शिकायतकर्ता की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी और पूरी जांच रिपोर्ट 30 अप्रैल 2026 तक प्रस्तुत करनी होगी।
गंभीर आरोपों की जांच
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विभाग में नियमों की अनदेखी कर फर्जी नियुक्तियों को संरक्षण दिया गया तथा बिना कार्य किए शिक्षकों को लाखों रुपये का एरियर भुगतान कराया गया।
कप्तानगंज स्थित कनोडिया इंटर कॉलेज और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज से जुड़े मामलों में भी वित्तीय अनियमितताओं और कथित रूप से अवैध भुगतान के आरोप लगाए गए हैं।आय से अधिक संपत्ति का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप है कि पद के दुरुपयोग से डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्त ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। हालांकि, ये सभी आरोप वर्तमान में जांच के अधीन हैं।
🔍 आगे क्या होगा
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गठित जांच समिति तथ्यों की कितनी निष्पक्षता से जांच करती है और क्या वास्तव में आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं। फिलहाल पूरा मामला लोकायुक्त जांच के दायरे में है।
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