गोबर से बन रही स्वच्छ ऊर्जा, गांव की बढ़ रही आमदनी

गोबर से बन रही स्वच्छ ऊर्जा, गांव की बढ़ रही आमदनी

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
देवरिया। विकासखंड देवरिया सदर की ग्राम पंचायत पिपरा चंद्रभान में स्थापित गोवर्धन बायोगैस प्लांट गोबर और जैविक कचरे के बेहतर उपयोग की मिसाल बन रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत पंचायती राज एवं बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित 85 घन मीटर क्षमता वाले संयंत्र में गौशाला के करीब 286 गोवंश के गोबर से बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जा रही है।

प्लांट से तैयार बायोगैस पाइपलाइन के जरिए कंपोजिट विद्यालय पहुंचाई जा रही है। यहां करीब 170 बच्चों के लिए मिड-डे मील इसी स्वच्छ ऊर्जा से तैयार किया जा रहा है। विद्यालय की ओर से गैस के उपयोग के एवज में प्रतिदिन 80 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत को किया जाता है।

संयंत्र से निकलने वाली स्लरी से जैविक खाद तैयार कर किसानों को पांच से आठ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक गैस की बिक्री से करीब 11,740 रुपये और जैविक खाद से 14,301 रुपये की आय हुई है। विभिन्न मदों को मिलाकर ग्राम पंचायत को करीब 46,241 रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है।

प्लांट के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर ऑपरेटर तैनात किया गया है। गौशाला कर्मी गोबर संग्रहण और साफ-सफाई में सहयोग करते हैं। इससे रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।

ग्राम पंचायत की यह पहल गोबर को कचरे के बजाय संसाधन में बदलने के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है। पिपरा चंद्रभान का यह मॉडल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।


रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

खबर शेयर करें:

WhatsApp Facebook

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ