त्रिशूली नदी में उफान से यूपी-बिहार में अलर्ट, गंडक पर बढ़ी निगरानी

त्रिशूली नदी में उफान से यूपी-बिहार में अलर्ट, गंडक पर बढ़ी निगरानी

केंद्रीय जल आयोग ने जारी की एडवाइजरी, कहा- जलस्तर घट रहा है, पर सतर्कता जरूरी


टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो 
कुशीनगर। नेपाल की त्रिशूली नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। भारत के केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़ पूर्वानुमान निगरानी निदेशालय ने इस संबंध में विशेष एडवाइजरी जारी की है।



आयोग के अनुसार, नेपाल में काली खोला/फुरके खोला में त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। यह स्थल भारत-नेपाल सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित है। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक जलस्तर में यह बढ़ोतरी नेपाल-चीन सीमा के समीप संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) की घटना के कारण हुई है।

जलस्तर में गिरावट, स्थिति नियंत्रण में

सीडब्ल्यूसी ने अपने ताजा अपडेट में बताया कि त्रिशूली में जलस्तर में वृद्धि क्रमिक थी और वर्तमान में इसमें गिरावट का रुझान देखा जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस बार जलस्तर में हुई वृद्धि का परिमाण पहले की घटनाओं की तुलना में काफी कम है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि फिलहाल किसी बड़े बाढ़ खतरे की आशंका नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखना आवश्यक है।

गंडक नदी पर विशेष नजर

त्रिशूली नदी गंडक बेसिन की प्रमुख सहायक नदी है। नेपाल में त्रिशूली में आया उफान आगे चलकर गंडक नदी में बाढ़ की लहर के रूप में परिवर्तित हो सकता है। इसी कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया तथा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

सीडब्ल्यूसी ने गंडक-नारायणी नदी प्रणाली की सघन निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

बॉर्डर पर एनडीआरएफ तैनात

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 20 टीमों को तैनात किया गया है। इनमें बिहार में 9 और उत्तर प्रदेश में 11 टीमें बाढ़ चेतावनी एवं राहत-बचाव कार्यों के लिए स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने गंडक के तराई क्षेत्र और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

खबर शेयर करें:

WhatsApp Facebook

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ