नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से सोनौली सीमा पर 12 किमी लंबी वाहनों की कतार
तीन-चार दिन से फंसे हैं मालवाहक वाहनों के चालक, पानी-भोजन और शौचालय की समस्या
टाइम् आँफ कुशीनगर ब्यूरो
सोनौली/महराजगंज। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण काठमांडू, पोखरा समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर भारत-नेपाल सीमा पर भी देखने को मिल रहा है। महराजगंज की सोनौली सीमा पर गुरुवार को करीब 12 किलोमीटर लंबी मालवाहक वाहनों की कतार लग गई। बड़ी संख्या में चालक तीन-चार दिन से सीमा पर फंसे हुए हैं।
सड़क पर लगातार वाहनों के खड़े रहने से चालकों को पानी, भोजन और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी कतार के कारण सीमा क्षेत्र में यातायात का दबाव भी बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि नेपाल के त्रिशूली और भोटेकोशी नदी क्षेत्रों में आई बाढ़ से कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई जगह सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे काठमांडू, पोखरा समेत अन्य प्रमुख इलाकों के लिए आवागमन प्रभावित हुआ है। मार्ग बाधित होने के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी धीमी पड़ गई है।
भंसार कार्यालय रात एक बजे तक खुला
सीमा पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए कस्टम और पुलिस प्रशासन ने मालवाहक वाहनों की निकासी तेज करने के लिए भैरहवा भंसार कार्यालय का संचालन समय बढ़ा दिया है। बुधवार को कार्यालय को रात एक बजे तक संचालित करने का निर्णय लिया गया।
कस्टम अधीक्षक संजय मिश्रा ने बताया कि नेपाल के अधिकारियों से बातचीत के बाद मालवाहक वाहनों की निकासी में तेजी लाने के लिए कार्यालय का समय बढ़ाया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि सीमा पर फंसे वाहनों को जल्द से जल्द आगे भेजा जा सके।
रिपोर्टर: रंजीत मोदनवाल
टाइम्स ऑफ कुशीनगर
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