मुंबई में रोजी-रोटी कमाने गए उदयराज की अचानक मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम; गांव में छाया मातम, चंदा जुटाकर हवाई जहाज से शव लाने की तैयारी
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरोउदयराज की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही मुंबई में आसपास रहने वाले परिचित और स्थानीय लोग उनके पास पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मौत की खबर मिलते ही मुंबई में रह रहे परिचितों ने तत्काल इसकी सूचना परिवार को दी।
जैसे ही उदयराज की मौत की खबर गांव स्थित घर पहुंची, चीख-पुकार मच गई। पत्नी नेहा और बच्चों समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार को उम्मीद थी कि उदयराज मेहनत कर कुछ पैसे जुटाकर घर लौटेंगे और टिनशेड के सहारे गुजर-बसर कर रहे परिवार के मकान की छत लगवाएंगे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सारे सपने चकनाचूर हो गए।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
उदयराज अपने पीछे पत्नी नेहा, 16 वर्षीय बेटी प्रियंका, 12 वर्षीय बेटी चांदनी और आठ वर्षीय पुत्र निखिल को छोड़ गए हैं। पिता की अचानक मौत से तीनों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सामने अब रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, उदयराज परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए करीब एक वर्ष पहले मुंबई गए थे। उनकी असमय मौत से गांव में भी शोक की लहर है। ग्रामीण परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं और शव को मुंबई से गांव लाने के लिए चंदा जुटाया जा रहा है। परिजनों और ग्रामीणों की कोशिश है कि उदयराज का शव हवाई जहाज से गांव लाया जा सके, ताकि अंतिम संस्कार समय से किया जा सके।
रिपोर्टर: रणजीत मोदनवाल
टाइम्स ऑफ कुशीनगर
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