बाल श्रम के विरुद्ध संयुक्त अभियान जारी, निरीक्षण के दौरान एक बाल श्रमिक कराया गया मुक्त
संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू, बच्चों से श्रम न कराने की अपील
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
कुशीनगर।
अभियान के दौरान पडरौना-रामकोला मार्ग स्थित मेसर्स डायमंड चिकन बिरयानी, मेसर्स मोदनवाल भोजनालय तथा मेसर्स द पार्थ रिजॉर्ट का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक बाल श्रमिक कार्य करते हुए पाया गया, जिसे तत्काल मुक्त कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति, कुशीनगर के सुपुर्द कर दिया गया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि मुक्त कराए गए बाल श्रमिक के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को अधिनियम के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन का अधिकार प्राप्त है। बाल श्रम कराते पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास तथा ₹20 हजार से ₹50 हजार तक के जुर्माने का प्रावधान है।
श्रम विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम कराया जाता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
संयुक्त अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी निरीक्षक चन्द्रभूषण तथा चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि मानस, आदित्य एवं अभिषेक कुमार श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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