बालक की अन्तर्निहित क्षमताओं का विकास ही शिक्षा का उद्देश्य — दिनेश कुमार सिंह

बालक की अन्तर्निहित क्षमताओं का विकास ही शिक्षा का उद्देश्य — दिनेश कुमार सिंह
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो l
कसया (कुशीनगर)। कसया नगर स्थित महर्षि अरविन्द विद्या मन्दिर में आयोजित नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के सातवें दिन के कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश कुमार सिंह, अध्यक्ष रामाश्रय जी, जियालाल,
फणीन्द्रनाथ ओझा, दिवाकर राम त्रिपाठी तथा रणजीत उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम का संचालन दिवाकर राम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर अतिथियों का अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बालक के भीतर निहित शक्तियों एवं क्षमताओं का विकास करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने के लिए केवल परिश्रम ही नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क की भी आवश्यकता है। साथ ही हुनर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना समय की मांग है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में राजन राव, अमित राव, अमित तिवारी, दिवाकर राव, रोशनी शर्मा, ओमप्रकाश भारती, धर्मेन्द्र साहू, अरुण पाण्डेय, धीरज पाण्डेय, तपनारायण कुशवाहा सहित सभी नवचयनित प्रशिक्षु आचार्य एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।



रिपोर्टर: के. एन. राय

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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