पीडब्ल्यूडी में बगावत! अभियंताओं ने खोला मोर्चा, अधिशासी अभियंता की कार्यशैली पर उठे सवाल


पीडब्ल्यूडी में बगावत! अभियंताओं ने खोला मोर्चा, अधिशासी अभियंता की कार्यशैली पर उठे सवाल

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो | कुशीनगर

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण खंड में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया जब डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने अधिशासी अभियंता राजेश निगम के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों और अभियंताओं ने आरोप लगाया कि विभाग में संवाद की जगह दबाव, सहयोग की जगह टकराव और समाधान की जगह प्रताड़ना का माहौल बना दिया गया है।

संघ के बैनर तले जुटे अभियंताओं ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मुख्य अभियंता के निर्देश भी नहीं आए काम!

आंदोलनकारियों का आरोप है कि मुख्य अभियंता, गोरखपुर क्षेत्र ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अधिशासी अभियंता ने बातचीत की पहल नहीं की। संघ का दावा है कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही वह मुख्यालय छोड़कर चले गए, जिससे कर्मचारियों में और अधिक आक्रोश फैल गया।कर्मचारियों का कहना है कि जब विभाग का मुखिया ही संवाद से दूरी बनाएगा तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा?

पांच अभियंताओं का वेतन रोके जाने से भड़का आक्रोश

विवाद की सबसे बड़ी वजह पांच अभियंताओं का मई माह का वेतन रोके जाने को बताया जा रहा है। संघ का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट लिखित आदेश के वेतन रोक दिया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया।

अभियंताओं का कहना है कि वेतन किसी कर्मचारी की जीवनरेखा होता है और इसे रोकना कर्मचारियों पर दबाव बनाने जैसा कदम है।


कार्यालय में काम से ज्यादा तनाव का माहौल?

संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विभाग में लगातार नोटिस, चेतावनी और कार्रवाई की धमकियों का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि कर्मचारी मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं और कई लोग खुलकर अपनी बात रखने से भी कतराने लगे हैं।

आंदोलनकारियों का दावा है कि यही कारण है कि अब व्यक्तिगत शिकायतों की जगह सामूहिक विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आर-पार की लड़ाई के मूड में अभियंता

संघ भवन में आयोजित बैठक में अभियंताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन केवल वेतन या प्रशासनिक आदेशों का नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने रोके गए वेतन का तत्काल भुगतान, जनपद सचिव इं. संजीव कुमार श्रीवास्तव से संबंधित आदेशों के पालन तथा कार्यालय में भयमुक्त और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की।

विभागीय गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म

पीडब्ल्यूडी में चल रहे इस विवाद ने विभागीय हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों के धरने पर बैठने, वेतन विवाद, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन पर उठते सवाल और संवादहीनता की स्थिति ने मामले को गंभीर बना दिया है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभागीय प्रशासन इस विवाद का समाधान कैसे करता है और कर्मचारियों की नाराजगी को शांत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

(नोट: खबर में लगाए गए आरोप आंदोलनकारी अभियंताओं और डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के हैं। अधिशासी अभियंता का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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