खेत बचाओ अभियान एवं विश्व पर्यावरण दिवस पर किसानों को दिया गया संतुलित खेती का संदेश
टाईम्स आफ कुशीनगर व्यूरों।
ललितपुर। कृषि विज्ञान केंद्र, ललितपुर में खेत बचाओ अभियान एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने की।
अपने संबोधन में विधायक ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से खरीफ सीजन में हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत प्रत्येक किसान से कम से कम एक फलदार पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मुकेश चंद ने अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए खेत बचाओ अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद, जैविक खाद और प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रख सकते हैं।
कार्यक्रम में विषय वस्तु विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश तिवारी ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान जनपद में आवश्यकता से अधिक डीएपी, टीएसपी एवं एमएपी उर्वरकों का प्रयोग किया गया, जिससे मिट्टी की उर्वरता और पोषक तत्वों के संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने तथा एनपीके कॉम्प्लेक्स, एसएसपी, जैव उर्वरक, गोबर की खाद एवं हरी खाद के उपयोग पर जोर दिया।
जिला उद्यान अधिकारी राजेन्द्र कुमार साहू ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी, जबकि अग्रणी बैंक प्रबंधक हरीश शर्मा ने कृषि ऋण सुविधाओं पर प्रकाश डाला। नाबार्ड के डीडीएम सलिल अर्कवंशी ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन एवं सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ. सरिता देवी ने गृह वाटिका एवं पोषण वाटिका की उपयोगिता पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम के दौरान किसानों को फलदार पौधों का वितरण किया गया तथा कृषि विज्ञान केंद्र परिसर स्थित ऑर्चर्ड में आम के पौधों का वृक्षारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में साईं ज्योति संस्था के प्रतिनिधियों सहित पांच गांवों के 50 से अधिक किसान एवं महिला कृषकों ने भाग लिया। किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने, पराली न जलाने, हरी खाद के प्रयोग तथा गोबर, मूत्र एवं कृषि अवशेषों से गुणवत्तायुक्त खाद तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
रिपोर्टर: व्यूरों
टाइम्स ऑफ कुशीनगर


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