टाइम्स आँफ कुशीनगर ब्यूरोंकिसानों का कहना है कि खेती-बाड़ी के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ट्रैक्टर चलाने, सिंचाई करने और अन्य कृषि कार्यों के लिए किसान पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं। लेकिन समय पर ईंधन नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। कई किसान अपनी बारी आने के इंतजार में पूरी रात पेट्रोल पंपों पर बिताने को मजबूर हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार कई पेट्रोल पंपों पर डीजल सीमित मात्रा में दिया जा रहा है, जिससे लंबी कतारें लग रही हैं। स्थिति यह है कि सुबह से लाइन में लगे लोगों को देर रात तक इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर सरकार लगातार दावा कर रही है कि डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। लेकिन जमीनी हालात सरकार के दावों से अलग दिखाई दे रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें और किसानों की बढ़ती परेशानी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।किसानों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति सुचारु कराई जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके और खेती का कार्य प्रभावित न हो।
रिपोर्टर: रणजीत मोदनवाल
टाइम्स ऑफ कुशीनगर
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