वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 7 दिवसीय विराट प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का भव्य समापन

 वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 7 दिवसीय विराट प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का भव्य समापन

गायत्री महायज्ञ व विशाल भंडारे के साथ पूर्णाहुति

टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो

फाजिलनगर।

क्षेत्र के ग्राम लछिया देवरिया स्थित श्री सिद्ध सनातन शक्ति धाम (मतवा जी कुटी) में आयोजित 7 दिवसीय विराट प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का 4 मई को गायत्री महायज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

समापन दिवस की शुरुआत प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में भव्य कलश यात्रा से हुई, जो पूरे लछिया ग्राम का भ्रमण कर पुनः धाम परिसर पहुंची। इस दौरान हरिद्वार से पधारीं नारायणी पाण्डेय द्वारा पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया गया।

धाम के संस्थापक एवं संरक्षक, अखिल विश्व गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक अवधेश पाण्डेय ने बताया कि समारोह का शुभारंभ 28 अप्रैल को गणेश पूजन एवं सत्यनारायण कथा के साथ हुआ था। इसके बाद 29 अप्रैल को भजन संध्या, 30 अप्रैल को मुख्य यजमान विवेक पाण्डेय एवं अनामिका पाण्डेय के नेतृत्व में 11 अधिवास की पारंपरिक प्रक्रिया सम्पन्न हुई।

1 मई को ब्रह्म मुहूर्त में विभिन्न देवशक्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न हुई। 2 मई को सुंदरकांड पाठ एवं 3 मई को 12 घंटे का अखंड जाप आयोजित किया गया। अंततः 4 मई को गायत्री महायज्ञ एवं भंडारे के साथ कार्यक्रम की पूर्णाहुति हुई।

धाम के व्यवस्थापक स्वामी बैरागी ने बताया कि विभिन्न देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा अलग-अलग यजमानों द्वारा विधिवत सम्पन्न कराई गई, जिसमें वेदमाता गायत्री, शनिदेव, राधा-कृष्ण, बालाजी हनुमान, वासुकीनाग, कालभैरव एवं कूर्मदेव की स्थापना प्रमुख रही।

इस विराट आयोजन के संचालन हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार की विशेष टोली शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंची, जिसका नेतृत्व हरिदास, भास्कर तिवारी एवं श्याम ने किया। यह आयोजन डॉ. प्रणव पाण्ड्या एवं शैलबाला पाण्ड्या के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

उल्लेखनीय है कि मतवा जी कुटी के नाम से प्रसिद्ध यह सिद्ध स्थल लगभग दो शताब्दी पुराना है। इस प्राचीन धाम के पुनर्जीवन एवं आध्यात्मिक गौरव की पुनर्स्थापना के लिए अवधेश पाण्डेय अपने स्वर्गीय पिता रामहर्ष पाण्डेय की स्मृति में निरंतर प्रयासरत हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ