मठ की जमीन पर ‘कब्रिस्तान’ का विवाद

टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। जनपद के तमकुहीराज तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमरिया मठ में मठ की भूमि को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। मठ के महंत रूद्रानंद गिरी ने आरोप लगाया है कि सुनियोजित साजिश के तहत मठ की जमीन को कागजों में हेरफेर कर कब्रिस्तान के रूप में दर्ज करा दिया गया और उसी आधार पर वहां अवैध कब्जा कर लिया गया।

महंत रूद्रानंद गिरी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मंडलायुक्त गोरखपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर पुरातत्व विभाग से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि दशकों से मठ की संपत्ति रही है, लेकिन कुछ लोगों ने कब्जे की नीयत से अभिलेखों में बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा गया है, ताकि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित हो सके।

महंत ने यह भी दावा किया कि पूर्व महंत महादेवा नंद गिरी के अनुसार मठ की भूमि के भीतर भगवान शिव की मूर्ति दबे होने की संभावना है, जो इस स्थल के धार्मिक महत्व को दर्शाती है।

महंत ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडलायुक्त के निर्देश पर तमकुहीराज तहसील प्रशासन द्वारा करीब ढाई माह पूर्व जांच शुरू की गई थी, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इससे मामले में अनिश्चितता बनी हुई है और विवाद और गहराता जा रहा है।

महंत रूद्रानंद गिरी ने चेतावनी दी कि यदि मठ की भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो इसे सनातन आस्था पर सीधा आघात माना जाएगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि “पुरातत्व विभाग की जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी।”

महंत ने क्षेत्रीय विधायक सहित जिले के जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि मठ की भूमि की सुरक्षा और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

मामला अब स्थानीय स्तर पर संवेदनशील होता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच ही इस विवाद के समाधान का एकमात्र रास्ता मानी जा रही है।

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