डीएम के आदेश की अनदेखी, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान

 
टाइम्स आँफ कुशीनगर ब्यूरों

महराजगंज । जनपद में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई स्कूल नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। हर वर्ष नई किताबें बदलना, मनमाने तरीके से एमआरपी तय करना और स्कूल प्रबंधन द्वारा ही ड्रेस व किताबों की बिक्री करना अभिभावकों के लिए आर्थिक बोझ बनता जा रहा है।

ताजा मामला जे.पी. ओझा इंटर मीडिएट स्कूल, पोखरभिंडा का सामने आया है, जहां कक्षा 7 की किताबों का मूल्य करीब 2880 रुपये बताया जा रहा है। अभी कॉपियों और स्कूल ड्रेस का खर्च अलग से है, जिससे कुल खर्च और अधिक बढ़ रहा है।

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उन्हें बाहर से किताबें या ड्रेस खरीदने की अनुमति नहीं देता और अपने निर्धारित दुकानों से ही खरीदने के लिए बाध्य करता है। इससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है और कीमतें मनमानी तरीके से बढ़ा दी जाती हैं।

ज्ञात हो कि जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में निर्देश जारी किए गए थे कि स्कूल छात्र-छात्राओं और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न डालें तथा किताबें और ड्रेस निर्धारित नियमों के अनुसार ही उपलब्ध कराएं। इसके बावजूद कई स्कूल इन आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं।

अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी व सुलभ बन सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ