जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक सम्पन्न

बाढ़ निरोधी कार्यों में किसी प्रकार की न हो कोई शिथिलता

आपदा व राहत सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

राहत शिविर व बाढ़ नियंत्रण कक्ष अभी से रखें सक्रिय – डीएम

टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो

देवरिया। जनपद में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित गांधी सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ निरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने तटबंधों की सतत निगरानी पर विशेष जोर देते हुए रेनकट, शाही होल आदि कमजोर बिंदुओं को तत्काल चिन्हित कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नई बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं को निर्धारित समय से पहले पूरा करने को कहा। आवश्यकतानुसार बोल्डर, जियोबैग व अन्य सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी अधिशासी अभियंता बाढ़ को दिए गए।

जिलाधिकारी ने नाव, नाविकों व गोताखोरों का चिन्हांकन कर उन्हें हर परिस्थिति के लिए तैयार रखने तथा उनके भुगतान में किसी प्रकार की देरी न होने की सख्त हिदायत दी। उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के तटबंधों व संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने को कहा गया।

आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए राहत शिविरों का पूर्व चिन्हांकन करने, बाढ़ नियंत्रण कक्षों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय करने तथा संबंधित कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पेयजल व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी हैंडपंपों की जांच कर खराब हैंडपंपों को ठीक कराया जाए तथा उथले हैंडपंपों पर लाल निशान लगाकर लोगों को सावधान किया जाए। उन्होंने चेताया कि दूषित जल से बीमारियां फैलने की आशंका रहती है।

पशुओं के लिए चारा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देते हुए भूसा व साइलेज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ढीले व लटके तारों की मरम्मत तत्काल कराने को कहा गया।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सूची तैयार की जाए, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता रखी जाए तथा मेडिकल टीम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही लाइफ जैकेट, एंटी स्नेक वेनम व राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ से पहले की गई तैयारियां ही आपदा के समय सबसे अधिक कारगर होती हैं, इसलिए सभी विभाग अभी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।


बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने तटबंध सुरक्षा सहित पुलिस विभाग की तैयारियों की जानकारी दी। अधिशासी अभियंता बाढ़ राधे श्याम प्रसाद ने बताया कि जनपद में 12 नई बाढ़ निरोधी परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जिन्हें 15 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। जनपद में कुल 40 तटबंध (241.048 किमी), 56 ड्रेन (734.78 किमी) तथा 27 रेगुलेटर मौजूद हैं।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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