नेपाल में भूस्खलन से बाढ़ का खतरा, कुशीनगर प्रशासन अलर्ट; गंडक के जलस्तर और तटबंधों की निगरानी तेज

नेपाल में भूस्खलन से बाढ़ का खतरा, कुशीनगर प्रशासन अलर्ट; गंडक के जलस्तर और तटबंधों की निगरानी तेज

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुबरी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह बाधित होने और अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की सूचना के बाद कुशीनगर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के जलस्तर, वाल्मीकिनगर बैराज से पानी के डिस्चार्ज और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर खड्डा और तमकुहीराज तहसील के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।


उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली से प्राप्त सूचना के क्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पवन कुमार ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उप जिलाधिकारी खड्डा एवं तमकुहीराज, सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता, मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला पंचायतराज अधिकारी को अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा गया है।

सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड वाल्मीकिनगर बैराज के जलस्तर तथा डिस्चार्ज की नियमित निगरानी करेंगे। स्थिति में किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। तटबंधों और कमजोर स्थलों का निरीक्षण कर जरूरी सुरक्षात्मक उपाय भी सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि संभावित खतरे के मद्देनजर समय रहते कदम उठाए जा सकें।

खड्डा और तमकुहीराज तहसील प्रशासन को नदी के किनारे बसे गांवों, आबादी वाले क्षेत्रों और बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायती राज विभाग सहित क्षेत्रीय कर्मचारियों को भी सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की आशंका से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने को कहा गया है।

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया है। जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होने या किसी अप्रत्याशित स्थिति की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कुशीनगर को तत्काल सूचित करना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर निरोधात्मक और राहत संबंधी कार्रवाई समय से की जा सके।

अपर जिलाधिकारी पवन कुमार ने अधिकारियों को स्थिति की नियमित समीक्षा करने और जरूरी सूचनाएं समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नेपाल में उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर प्रशासन की निगरानी अब नदी के जलस्तर, बैराज से पानी के प्रवाह और तटबंधों की सुरक्षा पर केंद्रित है।



रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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