गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की डीएम ने की समीक्षा, निराश्रित गोवंश के संरक्षण के दिए निर्देश
टैगिंग और अभिलेखीकरण के साथ जियो-टैगिंग पर जोर, चारागाह की भूमि पर नेपियर चारा बोने के निर्देश
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
देवरिया। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक के साथ जनपद के ग्रामीण, शहरी एवं स्थानीय निकायों में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन एवं प्रबंधन की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त मनरेगा, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा गोशालाओं से संबंधित ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे।
बैठक में पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निराश्रित गोवंश की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें नजदीकी गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संरक्षित गोवंश की टैगिंग और अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने गोवंश आश्रय स्थलों में बेहतर व्यवस्था के साथ जनपद में संचालित कांजी हाउस की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। निराश्रित गोवंश के लिए चारागाह की भूमि पर नेपियर चारा की बोआई कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।विभागीय प्रगति की समीक्षा के दौरान पशुओं के उपचार, बधियाकरण और कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को गोवंश संरक्षण से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप गोवंश आश्रय स्थलों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा।
रिपोर्टर: ब्यूरो
टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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