पडरौना विकासखंड अधिकारी के विरोध में हिंदूवादी नेताओं ने किया प्रदर्शन,

राशन दुकान चयन को लेकर पडरौना ब्लॉक में हंगामा, ग्रामीणों और प्रधान संघ के आमने-सामने आने से बढ़ा तनाव

जंगल गायघाट के ग्रामीणों ने मतदान से नई दुकान के चयन की उठाई मांग, बीडीओ कार्यालय पर नारेबाजी के बाद पुलिस तैनात

टाइम्स ऑफ़ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत जंगल गायघाट में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर शुक्रवार को मामला उस समय गरमा गया, जब ग्रामीणों का एक समूह अपनी मांग लेकर ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गया। ग्रामीणों की मांग है कि निरस्त हो चुकी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के स्थान पर नई दुकान का चयन ग्राम पंचायत के राशन कार्डधारकों के मतदान के माध्यम से कराया जाए, ताकि चयन प्रक्रिया को लेकर किसी तरह का विवाद न रहे।


ग्रामीणों का नेतृत्व भाजपा से जुड़े राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राजेश्वर सिंह के पुत्र नीरज कुमार सिंह उर्फ बिट्टू तथा हिंदूवादी नेता राजन जायसवाल के नेतृत्व में किए जाने की बात सामने आई। दोनों के साथ ग्रामीण विकासखंड पडरौना कार्यालय पहुंचे और खंड विकास अधिकारी से मामले में बातचीत करने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद मामला केवल राशन दुकान के चयन तक सीमित न रहकर ग्रामीणों और ब्लॉक प्रशासन के बीच विवाद का रूप लेने लगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।


मामले की जानकारी मिलने के बाद पडरौना विकासखंड प्रधान संघ के अध्यक्ष मुकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रधान भी मौके पर पहुंचे। प्रधान संघ ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, स्थिति को देखते हुए प्रधान संघ ने बीडीओ के समर्थन में खड़े होकर प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की।

प्रधान संघ की ओर से कहा गया कि बीडीओ के स्तर से ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया है, जिससे स्थिति को टकराव तक ले जाया जाए। यदि प्रक्रिया में कहीं कोई कमी या त्रुटि हुई है तो उसे नियमानुसार सुधारने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन कार्यालय पर प्रदर्शन और नारेबाजी से स्थिति को बिगाड़ना उचित नहीं है।

दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रधान संघ बीडीओ को बचाने के पक्ष में खड़ा है और ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसी को लेकर देर शाम तक ब्लॉक परिसर में दोनों पक्षों के बीच तनातनी की स्थिति बनी रही।

शाम करीब साढ़े पांच बजे तक ब्लॉक परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। प्रधान, ग्रामीण, प्रदर्शनकारी और अन्य लोग मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल पूरा विवाद सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के नए चयन की प्रक्रिया और उसे लेकर उठे आरोप-प्रत्यारोप के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

ग्रामीणों का कहना है कि नई दुकान के चयन में ग्राम पंचायत के राशन कार्डधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और मतदान के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कराई जाए। वहीं प्रधान संघ का कहना है कि यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है तो प्रशासनिक स्तर पर उसका समाधान कराया जा सकता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन राशन दुकान के चयन को लेकर उठे विवाद का समाधान किस प्रक्रिया के तहत करता है।



रिपोर्टर:अजय त्रिपाठी 

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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