कोर्ट-कचहरी के चक्कर से मिली राहत, गांव में ही सुलझा वर्षों पुराना भूमि विवाद

कोर्ट-कचहरी के चक्कर से मिली राहत, गांव में ही सुलझा वर्षों पुराना भूमि विवाद

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
 कसया/कुशीनगर।

कसया क्षेत्र के ग्राम वरवा जंगल निवासी रामअवध का वर्षों पुराना भूमि विवाद प्रशासन की पहल पर गांव में ही सुलझ गया। लंबे समय से न्याय के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे रामअवध ने जिलाधिकारी के जनता दर्शन कार्यक्रम में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कुशीनगर महेंद्र सिंह तंवर ने उपजिलाधिकारी कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल को प्रकरण के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। निर्देश के क्रम में एसडीएम स्वयं राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचे और दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बातें सुनीं।

बताया जाता है कि गाटा संख्या 641, रकबा 95 डिसमिल तथा गाटा संख्या 642, रकबा 1 डिसमिल भूमि को लेकर कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। विवाद के कारण संबंधित भूमि पर नियमित रूप से खेती-बाड़ी भी नहीं हो पा रही थी।

मौके पर सुनवाई और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद दोनों पक्षों के हिस्से का निर्धारण कर उन्हें उनका वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराया गया। एसडीएम की पहल से विवाद का समाधान होने पर दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त किया और प्रशासन के प्रति आभार जताया।

अब उन्हें न्याय के लिए अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस संबंध में एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल ने बताया कि जमीनी विवादों का समाधान मौके पर जाकर दोनों पक्षों को सुनने से अधिक सरल और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। संवाद और आपसी सहमति से अधिकांश मामलों का समाधान निकल आता है।

मौके पर लेखपाल विनोद सिंह सहित अन्य राजस्व एवं तहसील कर्मी भी उपस्थित रहे।


रिपोर्टर: के. एन. राय

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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