पानी बचाओ महासंघ की बैठक में जल संरक्षण पर जोर

 बोतलबंद पानी कंपनियों पर उठे सवाल
टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो, देवरिया। पानी बचाओ महासंघ के तत्वावधान में महिला प्रकोष्ठ की मासिक बैठक शुक्रवार को देवरिया खास स्थित कैम्प कार्यालय पर आयोजित हुई। बैठक में जल संरक्षण, नदियों पर बढ़ते अतिक्रमण, भूजल दोहन तथा जलसंकट जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए पानी बचाओ महासंघ महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मी आजाद ने कहा कि छोटी नदियां लगातार लुप्तप्राय होती जा रही हैं और नदियों पर अतिक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नदियां धरती की धमनियां हैं, जो जीव-जंतुओं और वनस्पतियों को जीवन प्रदान करती हैं। इनके संरक्षण के लिए नीति और नीयत दोनों साफ रखने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि झील, चेकडैम, तालाब, बावड़ी, जोहड़ और कुओं जैसे प्राकृतिक जलस्रोत पानी रिचार्ज के प्रमुख साधन हैं, लेकिन इनका क्षेत्र लगातार सिकुड़ता जा रहा है। इससे जलसंकट की स्थिति भयावह होती जा रही है तथा भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है।
बैठक में वक्ता संध्या शर्मा ने कहा कि वाहन धुलाई सेंटरों द्वारा अत्यधिक जलदोहन और जलप्रदूषण किया जा रहा है, जिससे मीठे पानी की बर्बादी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से वाहन धुलाई सेंटरों की एनओसी की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो महासंघ आंदोलन करने को बाध्य होगा।
वहीं बिंदू देवी ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बोतलबंद पानी के व्यवसायीकरण से जलसंकट और पलायन की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां बड़ी मात्रा में भूजल का दोहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पानी सभी की प्राकृतिक संपदा है और इस पर सभी का समान अधिकार है।
बैठक में तीजा देवी, पुनीता जायसवाल, नंदनी आजाद, गायत्री राजभर, अहमदी बेगम, सरोज देवी, शीला शुक्ला, मीना देवी, कांति देवी, गायत्री पटेल, ऊषा कुशवाहा सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।



रिपोर्टर: व्यूरों

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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