आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश किसी भी स्तर पर कोई प्रकरण लंबित न रहे, अन्यथा होगी कार्रवाई : जिलाधिकारी

आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त

गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

किसी भी स्तर पर कोई प्रकरण लंबित न रहे, अन्यथा होगी कार्रवाई : जिलाधिकारी

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरों |

देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद के समस्त जिला स्तरीय, तहसील स्तरीय, विकासखंड स्तरीय एवं नगर निकायों के अधिकारियों को आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के
निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त निस्तारण आख्या के परीक्षण में पाई गई कमियों को गंभीरता से लेते हुए सभी अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण से पूर्व शिकायतकर्ता से संपर्क करना अनिवार्य होगा तथा इसका स्पष्ट उल्लेख निस्तारण आख्या में किया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रकरण में स्पॉट मेमो एवं मौके के फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। स्पॉट मेमो पर शिकायतकर्ता तथा मौके पर उपस्थित दो व्यक्तियों के हस्ताक्षर भी होने चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निस्तारण आख्या में शिकायतकर्ता के संतुष्ट अथवा असंतुष्ट होने का स्पष्ट विवरण दर्ज किया जाए। यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट हो, तो संबंधित नियमों, शासनादेशों एवं पात्रता मानकों का उल्लेख करते हुए विस्तृत आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाए।

उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित तिथि से कम से कम दो दिन पूर्व कर दिया जाए तथा अंतिम तिथि तक प्रतीक्षा न की जाए। समयबद्ध निस्तारण अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत संबंधित विभाग से जुड़ी नहीं है, तो उसे तत्काल सक्षम विभाग को स्थानांतरित किया जाए। केवल यह उल्लेख कर देना कि प्रकरण संबंधित कार्यालय से जुड़ा नहीं है, स्वीकार्य नहीं होगा और इसे दोषपूर्ण निस्तारण माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक आख्या प्राप्त करते हुए उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण करें, जिससे आमजन को त्वरित न्याय एवं राहत मिल सके।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



रिपोर्टर: ब्यूरों 

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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