मध्यस्थता अभियान 2.0 के तहत कार्यों की समीक्षा, आमजन में जागरूकता बढ़ाने पर जोर

 मध्यस्थता अभियान 2.0 के तहत कार्यों की समीक्षा, आमजन में जागरूकता बढ़ाने पर जोर

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार संचालित ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर में कार्यरत मध्यस्थ अधिवक्ताओं के कार्यों की समीक्षा की गई। यह समीक्षा भुवन, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा की गई, जिसमें मध्यस्थता प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक के दौरान मध्यस्थ अधिवक्ताओं ने बताया कि आमजन में मध्यस्थता को लेकर पर्याप्त जागरूकता का अभाव है। वादकारियों को इसके लाभों की जानकारी न होने के कारण वे मध्यस्थता प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी नहीं कर रहे हैं। हालांकि, जिन मामलों में वादी और प्रतिवादी दोनों उपस्थित रहते हैं, उनमें अधिकांश मामलों का सफल निस्तारण हो रहा है और दोनों पक्षकार संतुष्ट होकर लौट रहे हैं।

सचिव ने बताया कि मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और इसके माध्यम से मामलों का त्वरित निपटारा संभव है। इससे न केवल वादकारियों को शीघ्र न्याय मिलता है, बल्कि न्यायालयों में लंबित मुकदमों की संख्या में भी कमी आ रही है।

बैठक में पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों, विशेषकर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में जाकर गरीब, असहाय, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विधिक सहायता उपलब्ध कराएं। साथ ही, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर मध्यस्थ अधिवक्ता ओमप्रकाश श्रीवास्तव, शशिभूषण मिश्र, ओमप्रकाश पांडेय, अखिलेश कुमार मिश्र, विभूति यादव, पंकज कुमार राव सहित पराविधिक स्वयंसेवक अभिमन्यु सिंह, जय प्रकाश प्रजापति, सुधीर यादव, अमिताभ श्रीवास्तव, दिनेश यादव, रिंकू शाही, मनोरमा आदि उपस्थित रहे।

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