पिपरियाबंशा में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

 पिपरियाबंशा में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर जागरूकता अभियान आयोजित

टाईम्स  आफ कुशीनगर व्यूरों

ललितपुर। विकास खंड बिरधा के ग्राम पिपरियाबंशा में फसलों में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र, ललितपुर द्वारा बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्राध्यक्ष डॉ. मुकेश चंद ने किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों की मृदा जांच अवश्य कराएं और उसी के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि असंतुलित उर्वरक प्रयोग से खेती की लागत बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आती है।

कार्यक्रम में विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. दिनेश तिवारी ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में डीएपी, टीएसपी और एमएपी उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग किया गया, जिससे मृदा में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ा है। उन्होंने किसानों को एनपीके कॉम्प्लेक्स एवं एसएसपी उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी।

विशेषज्ञों ने किसानों को हरी खाद (ढैंचा), जैव उर्वरक (राइजोबियम, पीएसबी), गोबर की खाद, केंचुआ खाद एवं अन्य जैविक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पशुओं के अपशिष्ट से गुणवत्तापूर्ण खाद बनाने के तरीकों की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में भरत राम, कुंवर राज, नेपाल सिंह, मूरत सिंह, राजा बाई, पुष्पा सहित 25 से अधिक कृषकों व महिला किसानों ने भाग लिया।

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