सफाई को लेकर ग्राम प्रधान भी होगें जिम्मेदार




  • सफाई के बाद ही मिलेगा सफाईकर्मियों का बेतन 

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर सफाईकर्मियों के प्रति नैतिक जिम्मेदारी निभाने में पंचायती राज विभाग पर प्रश्न चिन्ह उठने लगा है। गांवों में इनके अनुपस्थित पाए जाने पर विभाग महज वेतन रोकने का कार्य करता है। जबकि इस दशा में काम नहीं तो भुगतान नहीं का सिद्धांत अपनाया जाना चाहिए।

सफाईकर्मियों की इस मनमानी के प्रति कुशीनगर जिलाधिकारी आर सैम्फिल ने इसके लिए  प्रधान को भी जिम्मेदारी देते हुए फरमान किया साथ ही जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायत पर सफाईकर्मी के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार करते हुए काम के बाद वेतन देने की बात कही है।

ज्ञातव्य हो कि जनपद के तमाम गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सफाई के अभाव में संक्रामक रोग,ं तथा जेई से पीडि़त मासूमों की संख्या बढ़ती जारही है। इसके बावजुद प्रधान  अपने दायित्व का निर्वहन न करते हुए अनुपस्थित सफाई कर्मचारी के वेतन भुगतान की संस्तुति कर देते है।

जिलाधिकारी ने बताया है कि इस पर अंकुश लगाने की खातिर आगामी 15 अक्टूबर को सभी विकासखंड कार्यालयों पर ग्राम प्रधानों की बैठक आहूत की गई है। जहां ग्राम प्रधान सफाईकर्मियों की उपस्थिति रिपोर्ट लेकर बीडीओ के समक्ष उपस्थित होंगे। सफाईकर्मियों की उपस्थिति की संकलित सूचना जिला पंचायत राज अधिकारी या जिला समन्वयक स्वच्छता मिशन बृजेश नाथ तिवारी डीएम को उपलब्ध कराएंगे।

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