गुटखों के बन्द होने से कुशीनगर को हो सकता है 4 करोड़ का नुकसान




कुशीनगर । उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के निर्णय पर राज्य में गुटखे को प्रतिबन्धित तो कर दिया लेकिन इससे सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ो रुपये का नुकसान होने वाला है। वही कुशीनगर से प्रतिबर्ष लगभग 4 करोड़ रूपये का नुकसान होगा।

ज्ञातब्य हो की प्रदेश में गुटखा का कुल व्यापार दो हजार करोड़ रूपये का है जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार को करों के रूप में पांच सौ करोड़ रुपए मिलते हैं जो अब नहीं मिलेंगे। करों के रूप में राज्य सरकार को दो सौ करोड़ रुपए तो केन्द्र सरकार को तीन सौ करोड़ रुपए का नुकसान होगा। 

वही भारतीय दंत चिकित्सक एसोसिएशन के गुटखे पर प्रतिबंध के लिये दायर याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले 18 सितम्बर को राज्य सरकार को दिये आदेश में 14 दिन के अन्दर इस पर निर्णय लेने को कहा था। अदालत का कहना था कि यदि सरकार ने प्रतिबंध के बारे में निर्णय नहीं लिया तो यह काम वह खुद करेगा। उच्च न्यायालय का कहना था कि गुटखा चबाना मुंह के कैंसर के कारणों में एक है।

प्रदेश में गुटखा बनाने वाली एक हजार एक सौ इकाइंया है। जो एक अप्रैल से पूरी तरह से बंद हो जायेगी। इसमें अकेले कुशीनगर तीन इकाईयां है और सैकड़ो की संख्या में ट्रेडर्स है जो प्रदेश के अन्य जगहो से गुटखा मगाते है। 

स्वास्थ्य के लिये यह बेहद हानिकारक है इसलिये प्रतिबंध आवश्यक है। देश में लगभग 25 करोड़ लोग इसका सेवन करते हैं। वहीं कुशीनगर में इनकी संख्या लगभग 75 हजार के करीब है।

एक नजर इस व्यवसाय में उपभेक्ताओं पर डाली जाय तो प्रतिदिन औसतन एक व्यक्ति 5 गुटखा खाता है जिसकी औसतन कीमत 5 रूपये है। इन आकड़ों पर अकेले कुशीनगर में प्रतिदिन लोग 3.75 लाख रूपये गुटखे पर व्यय करते है। जिस पर प्रतिदिन बैट 1.125 लाख सरकार का नुकसान होगा।

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