हर भारतीय 2 लाख 44 हजार 8 सौ 74 रूपये का विदेशी कर्जदार

कुशीनगर। भारत के हर बुढ़े बच्चे जवान पर 2 लाख 44 हजार 8 सौ 74 रूपये का विदेशी कर्ज है। जिसे भारत सरकार ने लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय ने आर.टी.आई. एक्टीविस्ट व अधिवक्ता गौरव अग्रवाल को व्यय के सम्बन्ध में जानकारी से अवगत कराया है कि हर भारतवासी पर 2लाख 44 हजार 8सौ 74 रूपये का कर्ज है यही नहीं कर्ज की यह भारी भरकम धनराषि सिर्फ दुनिया के सात देषों जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान, रूस, स्विट्जरलैण्ड और अमेरिका से ली गई है।

6 अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने भी भारत सरकार व गैर-सरकारी उपक्रमों ने ऋण लेने के चाव पर ही अमल किया है जिसे लेकर घी पीने की नसीहत दी गई है। कर्ज के आंकडे न केवल भारत की प्रगति की पोल खोलते हैं बल्कि सरकारी दावों की भी कलई खोलकर रख देते हैं क्योंकि रूस जैसे छोटे से देश से भी भारत ने 67,170,803,174 रूपये बतौर कर्ज ले रखा है।

जबकि जर्मनी से 1,36,245,764,731 रूपये और यही के गैर-सरकारी संस्थानों के 38,563,543,063 रू. का कर्ज ले रखा है। इसी तरह फ्रांस का 15,797,324,932 रू. और वहाँ के गैर सरकारी उपक्रमों से 2,235,187,202 रू. का कर्ज भारत पर है।

वहीं जापान सरकार से भारत ने 855,481,734,905 रूपये और यहाँ से गैर सरकारी संगठनों से 139,748,313,260 रू. व इटली का भी भारत सरकार पर 19,195,288 रू. का कर्ज है।

स्विट्जरलैण्ड से भारत ने 163,406,735 वहीं अमेरिका से कर्ज के मद में 15,168,120,931 रू. ले रखा हैं। सात देशों से कर्ज के अलावा 6 अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों से भी भारत सरकार ने 2,310,939,116, 483 रू. का कर्ज ले रखा है।

जिसमें एशियन डवलपमेंट, बैंक (ए.डी.वी.) का कर्ज 41,300,21,25,48,7 रू. बैठता है दूसरी ओर इंटरनेशनल बैंक ऑफ रीकन्सट्रक्षन एण्ड डवलपमेंट (आई.वी.आर.डी.) से भी 473, 404,908,120 रू. और इण्टरनेशनल डवलपमेंट एसोशिएसन (आई.डी.ए.) से 1,404 ,877,647,743 व इण्टरनेशनल फण्ड फॉर एग्रीकल्चर डवलपमेंट (आई.एफ.डी.) से 17,406,581,841 रू., इनके अलावा नामी-ग्रामी संस्था ई.ई.सी. से भी भारत सरकार ने 1,461,261,028 रू. उधार लिया है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ