कुसम्हा में स्वच्छता अभियान के साथ कचरे से कमाई की पहल शुरू

कुसम्हा में स्वच्छता अभियान के साथ कचरे से कमाई की पहल शुरू

टाइम्स ऑफ कुशीनगर ब्यूरो

कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर विकासखंड रामकोला की ग्राम पंचायत कुसम्हा में खंड विकास अधिकारी मयंक त्रिपाठी के नेतृत्व में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के साथ ही ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए कचरे को आय और रोजगार का साधन बनाने की पहल शुरू की गई।

अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्थित ग्रामीण संसाधन केंद्र को फिर से सक्रिय करते हुए इसे कचरे से कमाई के मॉडल के रूप में विकसित करने की शुरुआत की गई। इस कार्य में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। घर-घर से निकलने वाले कचरे को स्रोत स्तर पर अलग-अलग करने पर विशेष जोर दिया गया।

ग्रामीण संसाधन केंद्र परिसर में केंचुआ खाद तैयार करने का प्रदर्शन भी किया गया। तैयार जैविक खाद को करीब 20 दिन बाद बेचकर प्राप्त आय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को देने की योजना है। इससे स्वच्छता के साथ महिलाओं के लिए नियमित आय और रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।

घर-घर से कचरा एकत्र कर होगा उपयोग

योजना के तहत घर-घर से एकत्रित कचरे को ई-रिक्शा के माध्यम से ग्रामीण संसाधन केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि प्रारंभिक चरण में करीब एक माह तक अपने घरों से निकलने वाला प्लास्टिक कचरा स्वयं सहायता समूह को दें, ताकि व्यवस्था को गति मिल सके।

ग्रामीण संसाधन केंद्र पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कचरे को अलग-अलग करेंगी। जैविक कचरे को नाडेप एवं कंपोस्टिंग के माध्यम से उपयोगी खाद में बदला जाएगा, जबकि प्लास्टिक और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अधिकृत पुनर्चक्रण केंद्रों पर भेजकर आय अर्जित की जाएगी।

इसके अलावा गांव से गोबर एकत्रित कर केंचुआ खाद तैयार की जाएगी। जैविक खाद की बाजार में मांग को देखते हुए इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए नियमित आय और स्थानीय रोजगार की बेहतर संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है।

यह पहल स्वच्छता को आजीविका से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य केवल कचरे का निस्तारण करना नहीं, बल्कि उसे उपयोगी संसाधन में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट के संचालन, ग्रामीण संसाधन केंद्र की सक्रियता, स्वयं सहायता समूह की आय और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की लगातार निगरानी की जाएगी। सफल परिणाम मिलने पर इस मॉडल को जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

स्वच्छ गांव, स्वस्थ पर्यावरण, महिलाओं को रोजगार और कचरे से आय—कुसम्हा में शुरू हुई यह पहल ग्रामीण स्वच्छता को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत है।


रिपोर्टर: ब्यूरो

टाइम्स ऑफ कुशीनगर

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